बहराइच में भारी बारिश से फसलें तबाह: खेतों में उतरीं एसडीएम, नुकसान का लिया जायजा

बहराइच के मिहींपुरवा में भारी बारिश और आंधी से फसलों को भारी नुकसान। एसडीएम मोनालिसा जौहरी ने खेतों में पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और सर्वे के निर्देश दिए।

By INA News Desk
Sep 27, 2026 - 21:16
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बहराइच में भारी बारिश से फसलें तबाह: खेतों में उतरीं एसडीएम, नुकसान का लिया जायजा

बहराइच में बारिश और आंधी से फसलें बर्बाद: किसानों के बीच खेतों में पहुंचीं उपजिलाधिकारी, नुकसान के निष्पक्ष सर्वे के निर्देश

बहराइच। लगातार जारी मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के चलते तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) क्षेत्र में कृषि फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है। विषम मौसम और संभावित आपदा की आशंका के बीच स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। जनहानि रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए उपजिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी ने स्वयं फील्ड में उतरकर कमान संभाली और प्रभावित इलाकों का सघन दौरा किया।

उपजिलाधिकारी ने तहसील क्षेत्र के ग्राम गायघाट, रायबोझा, पुरैना भवानी भक्श, सर्रामुंद्री और कुड़वा पहुंचकर बारिश के पानी में डूबी फसलों का स्थलीय मुआयना किया। उन्होंने किसी कार्यालयी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय कीचड़ और पानी से भरे खेतों के बीच जाकर एक-एक खेत में धान व अन्य फसलों की वास्तविक स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने मौके पर एकत्र ग्रामीणों, ग्राम प्रधानों और पंचायत सहायकों से बातचीत कर आंधी और पानी से हुए नुकसान की प्रत्यक्ष जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान साथ चल रहे तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षकों और क्षेत्रीय लेखपालों को उपजिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि नुकसान के आकलन में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित किसान के खेत का भौतिक सत्यापन किया जाए और वास्तविक क्षति के आधार पर पूरी तरह निष्पक्ष व पारदर्शी रिपोर्ट तैयार की जाए, जिससे शासन को सही आंकड़े भेजे जा सकें और पात्र किसानों को नियमानुसार सहायता मिल सके।

प्रशासनिक स्तर पर उपजिलाधिकारी ने सभी अधीनस्थ कर्मियों को निर्देश दिया कि तेज बारिश के प्रभाव और नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। संवेदनशील बस्तियों और निचले इलाकों में जलभराव की दशा में ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंचकर मदद पहुंचा सके। प्रशासनिक अधिकारी को स्वयं खेतों में उतरकर नुकसान की पड़ताल करते देख किसानों में राहत और विश्वास का माहौल दिखा।

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