हाथरस: नवागत डीएम सत्यप्रकाश पटेल ने संभाली कमान, राजस्व, विकास और कानून व्यवस्था प्राथमिकता
हाथरस के नवागत डीएम सत्यप्रकाश पटेल ने कलेक्ट्रेट में संवाद कर अपनी प्राथमिकताएं बताईं। राजस्व वादों, विकास योजनाओं और ट्रांसपोर्ट नगर पर विशेष जोर रहेगा।
हाथरस के नवागत जिलाधिकारी सत्यप्रकाश पटेल ने कलेक्ट्रेट सभागार में मीडिया प्रतिनिधियों से औपचारिक परिचय संवाद करते हुए जनपद के सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर अपना विजन साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन से जुड़ी राजस्व शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण, कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा जिले में चल रही सभी विकास परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में वरासत तथा खेतों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से मुकदमेबाजी चलती है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा ताकि आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के बेवजह चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने जिले के आर्थिक विकास को गति देने के लिए कृषि आधारित उद्योगों (एग्रो सेक्टर) और नई औद्योगिक नीतियों के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की बात कही। साथ ही शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी कर महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए आवश्यक बजट आवंटन कराने का आश्वासन दिया।
जिले के आगामी प्रशासनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा रखते हुए उन्होंने बताया कि भावी विधानसभा चुनावों की अग्रिम तैयारियों और आगामी जनगणना के दूसरे चरण का सुगम क्रियान्वयन प्रशासन की कार्यसूची में शीर्ष पर रहेगा। इसके अलावा शहरवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए ट्रांसपोर्ट नगर के निर्माण की दिशा में शीघ्र कागजी और स्थलीय कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने यह भी साझा किया कि जिला कारागार और जिला न्यायालय भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
संवाद के दौरान नवागत जिलाधिकारी ने अपने व्यक्तिगत और पेशेवर सफर का परिचय देते हुए बताया कि वह मूलतः प्रयागराज के रहने वाले हैं। मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज गोरखपुर से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक करने के बाद उन्होंने विधि में एलएलबी और एलएलएम की उच्च शिक्षा पूरी की। वर्ष 1997 में प्रांतीय सिविल सेवा में चयनित होकर उन्होंने अपनी प्रशासनिक पारी की शुरुआत तत्कालीन पर्वतीय जनपद पिथौरागढ़ की धारचूला तहसील में उपजिलाधिकारी पद से की थी।
इसके बाद उन्होंने मिर्जापुर, प्रतापगढ़, फतेहगढ़, सहारनपुर, मेरठ, नोएडा और अलीगढ़ जैसे महत्वपूर्ण जनपदों में एसडीएम, नगर मजिस्ट्रेट, एडीएम और नगर आयुक्त के दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। वह अलीगढ़ में नगर आयुक्त तथा कोल तहसील में उपजिलाधिकारी के पद पर भी कार्यरत रहे हैं। सरकारी योजनाओं के स्थलीय निरीक्षण के सिलसिले में पहले भी जनपद की भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियों से रूबरू हो चुके नए जिलाधिकारी ने जिले के समग्र विकास में जनसहयोग की अपील की है।
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