CJP Leader Sourav Das - विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट से रिहाई के बाद सौरव दास, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी और तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद सीजेपी नेता सौरव दास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई है।

By INA News Desk
Oct 23, 2026 - 19:01
3 Views
CJP Leader Sourav Das - विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट से रिहाई के बाद सौरव दास, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़े
Advertisement
Advertisement
  • CEC Gyanesh Kumar Resignation - तिहाड़ जेल से बाहर आते ही सौरव दास के कड़े तेवर, बोले- 'ज्ञानू को जाना ही होगा'
  • Jantar Mantar Protest - दिल्ली में 7 दिन की न्यायिक हिरासत के बाद सीजेपी नेता रिहा, चुनाव आयोग के खिलाफ जारी रहेगा मोर्चा
  • Delhi Political Update - विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद सौरव दास का बयान, कानूनी पाबंदियों के बीच भी विरोध जारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजे गए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (Special Executive Magistrate) के आदेश के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई और मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के तुरंत बाद सौरव दास ने एक बार फिर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई और साफ किया कि कानूनी प्रक्रियाओं के बावजूद उनका आंदोलन जारी रहेगा।

सौरव दास ने सोशल मीडिया और वीडियो संदेश के जरिए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा होकर रहेगा। उन्होंने तीखे तेवर दिखाते हुए 'ज्ञानू मस्ट गो' का नारा दोहराया और दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनकी लड़ाई खत्म नहीं होगी।

  • 50-50 हजार के बॉन्ड पर मिली रिहाई

उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को शांति व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। नेताओं ने पहले दिल्ली उच्च न्यायालय का भी रुख किया था, जहां अदालत ने उन्हें विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी बात रखने का निर्देश दिया था।

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानती बॉन्ड प्रस्तुत करने के बाद रिहा करने का आदेश जारी किया। रिहाई की शर्तों के तहत दोनों नेताओं को भविष्य में होने वाली तारीखों पर पेश होने और कानून सम्मत प्रक्रियाओं का पालन करने का निर्देश दिया गया है।

  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर हुआ था विवाद

सीजेपी ने 10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके बाद कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रदर्शन की अनुमति न मिलने और शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका के तहत पुलिस ने यह कार्रवाई की थी।

जेल से बाहर आने के बाद पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी दोनों नेताओं का वीडियो साझा किया, जिसमें सौरव दास और आशुतोष रांका तिरंगा थामे हुए अपने रुख पर कायम रहने की बात कहते नजर आए। हालांकि, मजिस्ट्रेट अदालत में दिए गए हलफनामे के कारण संगठन को अपने आगामी प्रदर्शनों की रूपरेखा कानूनी दायरे में ही तय करनी होगी।

Also Read- Ravi Kishan Statement: 'लोगों ने फेंका नींबू, हमने बना दिया शरबत', वायरल मीम्स पर बीजेपी सांसद रवि किशन का Gen-Z को करारा और मजेदार जवाब

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement