Hardoi News: बावन के सैयदवाड़ा में सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर 'आंगन मिलन' का आयोजन, गोदभराई और अन्नप्राशन से गूंजा केंद्र
हरदोई के बावन ब्लॉक स्थित सैयदवाड़ा आंगनबाड़ी केंद्र पर सेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर 'आंगन मिलन' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें गोदभराई, अन्नप्राशन और पुष्टाहार वितरण हुआ।
रिपोर्टर : मुकेश सिंह सोमवंशी
हरदोई/बावन। जनपद हरदोई के विकासखंड बावन अंतर्गत ग्राम सैयदवाड़ा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पर सेवा के 25 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में एक विशेष 'आंगन मिलन' समारोह का आयोजन किया गया। इस उत्सव में क्षेत्र के पांच अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों की संयुक्त सहभागिता देखने को मिली। केंद्र परिसर में पारंपरिक संस्कारों, पोषण संवर्धन और सामुदायिक संवाद का ऐसा त्रिवेणी संगम बना, जिसमें गर्भवती महिलाओं की गोदभराई, नवजात शिशुओं के अन्नप्राशन और नियमित पुष्टाहार वितरण के जरिए मातृ एवं शिशु कल्याण का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यसमिति सदस्य सोभना सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अधिकारियों तथा स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलन व विभागीय गतिविधियों का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर पंजीकृत धात्री माताओं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों से सीधा आत्मीय संवाद स्थापित कर जमीनी स्तर पर मिल रही विभागीय सुविधाओं की समीक्षा की।
मातृत्व का सम्मान और परंपरा: गोदभराई की रस्म
कार्यक्रम की शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की देखरेख में चिन्हित गर्भवती महिलाओं की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुरूप गोदभराई की रस्म पूरी की गई। उपस्थित अतिथियों ने गर्भवती महिलाओं को फल, पौष्टिक सामग्री और सुहाग सामग्री भेंट कर उनके सुरक्षित प्रसव और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की।
इस अवसर पर मुख्य सेविका सुश्री नीलू कश्यप ने उपस्थित महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि गर्भकाल के दौरान आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम की गोलियों का नियमित सेवन, समय पर टीकाकरण तथा हरी पत्तेदार सब्जियों व मौसमी फलों का उपभोग जच्चा और बच्चा दोनों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की जटिलता से बचने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कराने का आह्वान किया गया।
नन्हे शिशुओं का हुआ विधिवत अन्नप्राशन
'आंगन मिलन' का दूसरा सबसे भावुक और उल्लासपूर्ण चरण उन शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार रहा, जिन्होंने अपने जीवन के छह माह पूरे कर लिए हैं। बाल विकास परियोजना समन्वयक आलोक पाठक और मुख्य अतिथि सोभना सिंह ने शिशुओं को कटोरी-चम्मच से प्रथम बार पौष्टिक खीर और दलिया खिलाकर अन्नप्राशन कराया।
विभागीय जानकारों ने उपस्थित अभिभावकों को समझाया कि शिशु के जन्म से लेकर छह माह तक केवल और केवल स्तनपान ही सर्वोत्तम आहार है। छह माह पूरे होते ही केवल दूध पर निर्भर रहने से बच्चे में कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए ऊपरी अर्ध-ठोस आहार, जैसे दाल का पानी, मसली हुई उबली सब्जियां और दलिया देना आरंभ करना चाहिए। इससे बच्चों की शारीरिक और मानसिक वृद्धि सुचारु रूप से होती है।
विभागीय सेवाओं का फीडबैक और पुष्टाहार का वितरण
समारोह के दौरान तीन से छह वर्ष के बच्चों, सात माह से तीन वर्ष आयु वर्ग के बच्चों और धात्री माताओं को सूखा राशन व संतुलित पुष्टाहार वितरित किया गया। मुख्य अतिथि सोभना सिंह ने केंद्र के अभिलेखों, वजन चार्ट और बच्चों के ग्रोथ मॉनिटरिंग रजिस्टर का अवलोकन किया। उन्होंने लाभार्थियों से पूछा कि क्या उन्हें निर्धारित समय पर पुष्टाहार और स्वास्थ्य सलाह मिल रही है।

माताओं और बच्चों से मिले स्नेहपूर्ण अनुभव को साझा करते हुए भाजपा जिला कार्यसमिति सदस्य सोभना सिंह ने कहा, “आज आंगन मिलन कार्यक्रम में उपस्थित होकर माताओं की आंखों में अपने बच्चों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य के सपने तथा मासूमों के चेहरों पर खिली निश्छल मुस्कान देखकर मन अत्यंत भावुक हो गया। गोदभराई और अन्नप्राशन जैसे पवित्र पलों में ग्रामीण परिवारों की खुशियों का सहभागी बनना मेरे लिए अत्यंत संतोषजनक अनुभव है। एक स्वस्थ मां और पोषित बच्चा ही सशक्त समाज की आधारशिला होते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहे पोषण अभियानों को अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाने में आंगनबाड़ी केंद्र सेतु का काम कर रहे हैं।
पांच केंद्रों की साझी भागीदारी और स्वास्थ्य टीम की मुस्तैदी
यह आयोजन केवल एक केंद्र तक सीमित न रहकर पांच आंगनबाड़ी केंद्रों की साझा पहल के रूप में उभरा। आयोजन को सफल बनाने में निम्नलिखित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मुख्य भूमिका निभाई:
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गिरिजा देवी (सैयदवाड़ा केंद्र)
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अंजना देवी (समुदा केंद्र)
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सरिता मिश्रा (सराय केंद्र)
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स्वरूपरानी (उपरौमा केंद्र)
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सुनीता देवी (रामापुर रहोलिया केंद्र)
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग की ओर से एएनएम सुल्ताना बेगम के नेतृत्व में शकुंतला, सीमा, मंजू और चमेली सहित आशा बहुओं व सहायिकाओं की टीम उपस्थित रही। स्वास्थ्य कर्मियों ने बच्चों का वजन मापा, टीकाकरण कार्ड की जांच की तथा छूटे हुए बच्चों को आवश्यक टीके लगाए।
जमीनी सेवाओं के 25 साल और ग्रामीण जनजीवन में बदलाव
बावन क्षेत्र के सैयदवाड़ा केंद्र पर पिछले 25 वर्षों से लगातार दी जा रही बाल विकास सेवाओं ने क्षेत्र में शिशु मृत्यु दर और कुपोषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम के समापन सत्र में बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि ग्रामीण अंचल में हर जरूरतमंद मां और बच्चे तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के लिए नियमित अंतराल पर इस प्रकार के जनसंवाद और उत्सव आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, अभिभावक और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
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