इंडिया एक्सपो मार्ट बना नए उत्तर प्रदेश की आर्थिक ताकत का शोकेस, वैश्विक बाजार से जुड़ा 'ब्रांड यूपी'
ग्रेटर नोएडा का इंडिया एक्सपो मार्ट नए यूपी की आर्थिक शक्ति का प्रमुख केंद्र बना, 16 हॉल और 1800 शोरूम के साथ ब्रांड यूपी को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ा।
इंडिया एक्सपो मार्ट बना नए उत्तर प्रदेश की आर्थिक ताकत का शोकेस, वैश्विक बाजार से जुड़ा 'ब्रांड यूपी'
ग्रेटर नोएडा में स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट (आईईएमएल) राज्य के तेजी से बदलते आर्थिक परिदृश्य और औद्योगिक सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने वाला सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण के सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि यह परिसर अब केवल प्रदर्शनियों के आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि 'ब्रांड यूपी' के उत्पादों, उद्यमियों और दस्तकारों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार एवं वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने वाला मजबूत सेतु बन चुका है। विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क, आधुनिक लॉजिस्टिक्स और जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सुदृढ़ हुई कनेक्टिविटी ने इस पूरे क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।
वर्ष 2001 में स्थापित और 2006 से संचालित इस विशाल मार्ट ने समय के साथ अपनी अवसंरचना और क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले जहां 14 प्रदर्शनी हॉल संचालित थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 16 हो चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप कुल संचालन क्षेत्र 76,484 वर्गमीटर तक पहुंच गया है। परिसर के स्थायी मार्ट में 1,800 अत्याधुनिक शोरूम और 774 सक्रिय निर्यातक मौजूद हैं, जिससे देशी-विदेशी खरीदारों और स्थानीय विनिर्माताओं के बीच व्यापारिक संवाद केवल किसी पांच दिवसीय आयोजन तक सीमित न रहकर पूरे वर्ष निर्बाध रूप से जारी रहता है।
इंडिया एक्सपो मार्ट: बुनियादी ढांचा और व्यापारिक विस्तार
| प्रमुख पहलू | उपलब्ध आंकड़े एवं विवरण |
| प्रदर्शनी परिसर क्षमता | 16 आधुनिक हॉल, 76,484 वर्गमीटर से अधिक का विशाल क्षेत्र |
| स्थायी कारोबारी उपस्थिति | 1,800 स्थायी शोरूम और 774 पंजीकृत निर्यातक सक्रिय |
| यूपीआईटीएस 2026 भागीदारी | 2,400 से अधिक प्रदर्शक, 90 देश और 550 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार |
| साझेदार देश | रूस, जापान, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस |
| प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र | हस्तशिल्प, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा, खाद्य प्रसंस्करण |
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी), निर्यात संवर्धन, एमएसएमई विस्तार और निवेश-हितैषी नीतियों को धरातल पर उतारने में यह मंच उत्प्रेरक की भूमिका निभा रहा है। हथकरघा, पीतल शिल्प, कालीन और विशिष्ट कृषि उत्पादों से लेकर इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा, रोबोटिक्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उन्नत तकनीकी क्षेत्रों के उत्पादों को वैश्विक खरीदारों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। आईएचजीएफ दिल्ली फेयर, रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपो और इंडस फूड जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों ने देश-विदेश के औद्योगिक घरानों के बीच इसकी साख को नई ऊंचाई दी है।
भौतिक प्रदर्शनियों के साथ-साथ यह मंच डिजिटल कॉमर्स के माध्यम से भी भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ रहा है। एक्सपो डिजिटल और ई-कॉमर्स पहलों के जरिए स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को दूर-दराज के खरीदारों तक पहुंचाया जा रहा है। इस विशाल कारोबारी परिवेश ने होटल, परिवहन, कैटरिंग, स्टॉल निर्माण, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स जैसे सेवा क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर सृजित किए हैं। आगामी समय में अतिरिक्त हॉलों के नवीनीकरण और आधुनिक औद्योगिक सम्मेलनों के जरिए यह परिसर राज्य की आर्थिक संवृद्धि की गति को और तेज करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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