'यूपी राइज' में चमकी जौनपुर की सुप्रिया: पारंपरिक क्रोशिया क्राफ्ट को मिला पहला पुरस्कार, स्टार्टअप को मिले ₹25,000
जौनपुर के टीडी कॉलेज में आयोजित 'यूपी राइज' में बीकॉम छात्रा सुप्रिया के क्रोशिया स्टार्टअप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। युवाओं ने पेश किए 11 अनूठे स्टार्टअप आइडिया।
उत्तर प्रदेश के युवाओं को रोजगार की तलाश करने वाले के स्थान पर रोजगार प्रदाता बनाने और राज्य को नवाचार व उद्यमशीलता का राष्ट्रीय केंद्र स्थापित करने के विजन को जौनपुर में आयोजित 'यूपी राइज' कार्यक्रम के माध्यम से नई ऊर्जा मिली। तिलकधारी पीजी कॉलेज में आयोजित इस विशेष नवाचार सम्मेलन में जिले के युवा विद्यार्थियों और उभरते उद्यमियों ने कृषि, हस्तशिल्प, वाणिज्य और अत्याधुनिक तकनीक के संगम पर आधारित 11 अनूठे स्टार्टअप मॉडल प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में पारंपरिक कला को आधुनिक रंग देने वाली बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा सुप्रिया ने प्रथम स्थान हासिल किया, जिन्हें 25 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। वहीं कौशल को सेकेंड रनर-अप और सुजल को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य मेंटोर एवं 'इंजीनियस वर्कज़' की संस्थापक ज्योति तिवारी रस्तोगी, करियर रणनीतिकार व टेडएक्स वक्ता अनुपम रघुवंशी तथा तिलकधारी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामाश्रय सिंह सहित अन्य प्राध्यापकों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कृषि, स्वास्थ्य प्रबंधन, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स, 'जौनपुर रूरल आर्टिसन', 'डीजी दुकान', 'फ्रेश फोल्ड' और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित व्यावहारिक समाधानों की विस्तृत प्रस्तुतियां दीं।

प्रतियोगिता में विजेता रहीं सुप्रिया ने पारंपरिक क्रोशिया क्राफ्ट को आधुनिक जीवनशैली और उपयोगिता से जोड़कर मोबाइल फोन कवर, कोस्टर, हेयर क्लिप और सजावटी उत्पाद तैयार करने का व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किया। अपने हुनर को एक सशक्त स्टार्टअप का रूप देने वाली सुप्रिया ने बताया कि वह इस पुरस्कार राशि का उपयोग अपने उद्यम के विस्तार और उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए करेंगी।
युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञ एवं स्टैनफोर्ड प्रशिक्षित डिज़ाइन थिंकिंग ट्रेनर ज्योति तिवारी रस्तोगी ने कहा कि आज का परिवेश युवाओं के लिए अवसरों से भरा है और सरकार की नीतियां नए विचारों को धरातल पर उतारने के लिए पूरा वित्तीय व संस्थागत सहयोग दे रही हैं। उन्होंने युवाओं से लीक से हटकर सोचने और रोजगार सृजनकर्ता बनने का आह्वान किया। वहीं दो दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले करियर रणनीतिकार अनुपम रघुवंशी ने कहा कि किसी भी स्टार्टअप की वास्तविक सफलता केवल आइडिया पर नहीं, बल्कि गहन बाजार अनुसंधान और व्यावहारिक कार्यशैली पर निर्भर करती है। उन्होंने युवाओं को कमियों को पहचानते हुए निरंतर सुधार करने का मंत्र दिया।
आयोजन स्थल पर स्थापित किया गया विशेष 'शक्ति ज़ोन' आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा, जहां छात्र-छात्राओं ने हस्तलिखित पर्चियों के माध्यम से आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण को लेकर अपनी संकल्पनाएं और योजनाएं साझा कीं। प्रस्तुत किए गए कुल 11 स्टार्टअप्स में ऑक्टो फ्लो, मशरूम फार्मिंग, क्राफ्ट विद सुप्रिया, कृषि नेत्र, फ्रेश फोल्ड, इंस्टेंट कारीगर, डीजी दुकान और एआई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल रहे, जिन्होंने यह साबित किया कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को आधुनिक तकनीक से जोड़कर टिकाऊ आजीविका और स्वरोजगार के व्यापक अवसर सृजित किए जा सकते हैं।
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