यूपी के स्कूलों में अब बच्चे सीखेंगे बचत और बिजनेस के गुर, ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत बड़ा फैसला
यूपी के स्कूली छात्र अब पढ़ाई के साथ बचत, बजट और बिजनेस के गुर सीखेंगे। कौशल विकास मिशन ने प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत एनएसई और निस्बड के साथ करार किया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक, आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के स्कूली बच्चे अब नियमित विषयों और तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ धन प्रबंधन, बचत के तौर-तरीके और अपना उद्यम शुरू करने के बुनियादी गुर भी सीखेंगे। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना 'प्रोजेक्ट प्रवीण' का दायरा बढ़ाते हुए इसमें वित्तीय साक्षरता और उद्यमिता विकास से जुड़े दो नए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल शामिल किए हैं।
इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) तथा केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधीन कार्यरत नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्मॉल बिजनेस डेवलपमेंट (निस्बड) के साथ करार किया है। समझौते के तहत एनएसई विद्यार्थियों को बुनियादी वित्तीय समझ और निस्बड उद्यमिता का व्यावहारिक पाठ पढ़ाएगा। दो-दो घंटे के इन विशेष मॉड्यूल्स को प्रदेशभर के विद्यालयों में अनिवार्य रूप से शुरू कर दिया गया है।
कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के माध्यम से 515 स्कूलों के लगभग दो लाख छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इस अभियान में राजकीय माध्यमिक विद्यालयों, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, सर्वोदय विद्यालयों और श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित अटल आवासीय विद्यालयों को शामिल किया गया है। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को उद्योग जगत की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे 12वीं उत्तीर्ण करते ही उनके सामने रोजगार के बेहतर विकल्प मौजूद रहें।
एनएसई द्वारा तैयार वित्तीय कौशल मॉड्यूल विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में पैसे के सही प्रबंधन की सीख देगा। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को आवश्यकता और इच्छा के बीच का अंतर समझाना, बचत की आदत विकसित करना और उपलब्ध राशि का सही उपयोग सिखाना है। यह आधारभूत जानकारी आगे चलकर उन्हें पारिवारिक बजट बनाने, वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और सुरक्षित निवेश के फैसले लेने में सक्षम बनाएगी।
वहीं, निस्बड द्वारा संचालित उद्यमिता विकास मॉड्यूल के जरिए विद्यार्थियों में नए व्यापारिक विचारों को पहचानने और उन्हें धरातल पर उतारने की क्षमता का विकास किया जाएगा। विभिन्न तकनीकी विधाओं जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, सिलाई, सूचना प्रौद्योगिकी या ऑटोमोबाइल में सीखे गए हुनर के आधार पर लघु व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने का व्यावहारिक मार्ग दिखाया जाएगा। इसमें स्थानीय जरूरतों की पहचान, ग्राहक प्रबंधन और बुनियादी योजना निर्माण की समझ दी जाएगी, ताकि युवा नौकरी तलाशने की बजाय रोजगार देने वाले बन सकें।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा को स्कूली स्तर पर जोड़ने की यह कोशिश विद्यार्थियों को संपूर्ण विकास प्रदान करेगी। प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत पहले से चल रहे 180 घंटे के तकनीकी ट्रेड प्रशिक्षण, 30 घंटे के व्यक्तित्व विकास और 4 घंटे के डिजिटल कौशल प्रशिक्षण में अब ये दोनों नए विषय जुड़ गए हैं। विभाग ने समस्त प्रशिक्षण प्रदाताओं को पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराते हुए कक्षाओं में इसका अनिवार्य संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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