यूपी की बेटियों को मिला आधुनिक हुनर का तोहफा, कस्तूरबा विद्यालयों में शुरू होगा एआई और आईटी का विशेष प्रशिक्षण
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत एआई, स्वास्थ्य और आईटी क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में छात्राओं को स्कूली पढ़ाई के साथ तकनीकी व व्यावसायिक रूप से दक्ष बनाने के लिए व्यापक स्तर पर कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को भावी चुनौतियों और नए दौर के रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2,672 बालिकाओं को उद्योग जगत की मांग के अनुरूप आधुनिक विषयों में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।
राज्य सरकार की इस विशेष पहल का मुख्य जोर ग्रामीण और कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाली छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी औपचारिक पढ़ाई पूरी करने के साथ ही स्वावलंबी बन सकें। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के अनुसार, मिशन शक्ति और कौशल विकास मिशन के संयुक्त प्रयासों से बालिकाओं को मजबूत और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। कम उम्र में ही व्यावहारिक हुनर सीखने से छात्राओं के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
इस विशेष प्रशिक्षण के तहत छात्राओं को स्वास्थ्य सेवा, कंप्यूटर व सूचना प्रौद्योगिकी, परिधान निर्माण, मीडिया-मनोरंजन और पर्यावरण अनुकूल कार्यों से जुड़े आधुनिक क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बुनियादी कंप्यूटर संचालन और बातचीत की शैली को भी पाठ्यक्रम में प्रमुखता से जोड़ा गया है। 300 घंटे तक चलने वाले इस पाठ्यक्रम में शामिल सभी छात्राओं के लिए मिशन के मंच पर उपलब्ध कृत्रिम बुद्धिमत्ता पाठ्यक्रम का अध्ययन जरूरी किया गया है। कक्षाएं शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर सभी विद्यार्थियों को जरूरी पाठ्य सामग्री और पुस्तकें वितरित की जाएंगी।
कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने सभी संबंधित एजेंसियों और जिला प्रबंधन इकाइयों को तय समय पर पंजीकरण, बैच आवंटन और केंद्र स्वीकृति का काम पूरा करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय मानकों और संबंधित सेक्टर काउंसिल की निगरानी में पूरा पाठ्यक्रम संचालित होगा और प्रशिक्षण के बाद परीक्षा लेकर दक्षता प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की टीम हर पखवाड़े केंद्रों का भौतिक निरीक्षण करेगी। इस पूरी मुहिम में आगरा, मेरठ, अलीगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, बरेली, झांसी और गोरखपुर सहित कई जनपदों के विद्यालयों को शामिल कर छात्राओं के भविष्य को संवारने की रूपरेखा तैयार की गई है।
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