यूपी में प्रति पोलिंग बूथ तय हुए अधिकतम 1200 वोटर, हाईराइज सोसायटियों में भी बनेंगे मतदान केंद्र
उत्तर प्रदेश में प्रति पोलिंग बूथ अधिकतम 1200 मतदाताओं का मानक तय। बहुमंजिला सोसायटियों के कम्युनिटी हॉल में भी बनेंगे बूथ, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश।
उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष, सुगम और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में निर्वाचन तंत्र ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत राज्य भर के मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और युक्तिकरण का काम तेज कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट व्यवस्था दी है कि किसी भी पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता पंजीकृत नहीं होंगे। इस मानक के आधार पर सभी जनपदों में बूथों का नए सिरे से निर्धारण किया जा रहा है, ताकि मतदान दिवस पर मतदाताओं को अनावश्यक कतारों और असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने तय समय-सीमा में इस कार्य को बिना किसी त्रुटि के पूरा कराने के निर्देश दिए। लोक प्रतिनिधित्व कानून के तहत मतदान केंद्रों के निर्धारण की प्राथमिक जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होती है। ऐसे में विधानसभा क्षेत्रवार तैयार की गई नई प्रस्तावित सूची को सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिला प्रतिनिधियों के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद सांसदों, विधायकों और राजनैतिक दलों के साथ औपचारिक विचार-विमर्श करके ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
शहरी इलाकों में रहने वाले नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इस बार ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और बहुमंजिला इमारतों के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। इन आवासीय परिसरों में उपलब्ध भूतल के सामुदायिक भवनों या सामान्य सुविधा क्षेत्रों में भी नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इस व्यवस्था से ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों को अपने घर के निकट ही मतदान की सुविधा मिलेगी, जिससे शहरी क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। प्रशासन को इस पूरी प्रक्रिया की निरंतर समीक्षा करने और समय पर सारा काम पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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