यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी, राजनीतिक दलों संग बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने तय किए नियम
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम घोषित। नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, संशोधन और आपत्तियों के निस्तारण के लिए चुनाव आयोग ने जारी किए कड़े नियम।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत कर दी गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर अभियान की रूपरेखा साझा की। इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य हर पात्र युवा और नागरिक को मतदाता सूची से जोड़ना तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर करना है।
तय रूपरेखा के अनुसार मतदान केंद्रों के पुनर्गठन और व्यवस्थित करने का काम पूरा होने के तुरंत बाद मसौदा मतदाता सूची सार्वजनिक की जाएगी। इसके बाद आम नागरिकों को अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने का पूरा अवसर मिलेगा, जिनका समय रहते निस्तारण कर अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी। नए मतदाता बनने के लिए फॉर्म संख्या 6, विदेशी भारतीय नागरिकों के लिए फॉर्म 6ए, किसी नाम पर आपत्ति या उसे सूची से हटवाने के लिए फॉर्म 7 तथा पते के बदलाव, संशोधन अथवा पहचान पत्र बदलवाने के लिए फॉर्म 8 की व्यवस्था की गई है। नागरिक इन फॉर्मों को अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी के पास जमा कर सकते हैं अथवा विभागीय वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं।
अभियान के तहत 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं के अलावा आने वाली अगली तिमाहियों में वयस्क होने वाले नागरिकों से भी अग्रिम आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। मतदान केंद्रों की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए तय किया गया है कि सामान्य तौर पर एक बूथ पर 1200 से अधिक मतदाता न रहें। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाएगा कि एक ही परिवार के सभी सदस्यों के नाम एक ही भाग में दर्ज हों और केंद्र तक पहुंचने में लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे प्रत्येक केंद्र पर अपने स्तर से प्रतिनिधियों की तैनाती सुनिश्चित करें, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे। गलत इरादे से किसी का नाम कटवाने के लिए झूठे विवरण देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश भी जिला स्तर पर जारी किए गए हैं। इस अहम बैठक में प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
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