यूपी में वोटर लिस्ट में नाम जोड़ना हुआ और आसान, फॉर्म-6 से घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त
उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट रिवीजन तेज। फॉर्म-6 से घोषणा पत्र की अनिवार्यता खत्म, पोर्टल और मोबाइल ऐप से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा। जानिए पूरी प्रक्रिया।
उत्तर प्रदेश में 'कोई मतदाता न छूटे' के संकल्प को साकार करने और निर्वाचक नामावलियों में सभी पात्र नागरिकों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन विभाग ने प्रक्रिया को और अधिक सरल व सुगम बना दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में राज्य में जनसंख्या के सापेक्ष मतदाता अनुपात (ईपी रेशियो) और महिला-पुरुष अनुपात (जेंडर रेशियो) में सुधार के लिए निरंतर पुनरीक्षण अवधि में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत नए और छूटे हुए मतदाताओं को बिना किसी अड़चन के मतदाता सूची में शामिल करने के लिए नियमों में महत्वपूर्ण रियायतें भी दी गई हैं।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की नामावलियों के प्रगाढ़ पुनरीक्षण के बाद अब चल रहे निरंतर पुनरीक्षण में पात्र युवाओं, पहली बार मतदान की उम्र पूरी कर रहे नागरिकों, बेघर व्यक्तियों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के नाम जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है। सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव यह किया गया है कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को छोड़कर सामान्य पुनरीक्षण के दौरान भरे जाने वाले फॉर्म-6 के साथ अलग से घोषणा पत्र संलग्न करने की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इससे नागरिकों को जटिल कागजी औपचारिकताओं से मुक्ति मिलेगी और पंजीकरण की रफ्तार तेज होगी।
पंजीकरण प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ते हुए पात्र नागरिकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। कोई भी नागरिक आयोग के आधिकारिक सिटिजन सर्विस पोर्टल अथवा मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकता है। वहीं डिजिटल माध्यम से दूर रहने वाले लोग ऑफलाइन फॉर्म-6 भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा करा सकते हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि वे फॉर्म में अपनी सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित भरें, ताकि पहचान पत्र में किसी संशोधन की आवश्यकता न रहे।
अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में फॉर्म-6 उपलब्ध रखने और व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस कार्य में शैक्षणिक संस्थानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्वास्थ्य कर्मियों की मदद ली जाएगी। साथ ही महिला कल्याण, उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, ग्राम्य विकास और युवा कल्याण विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंच बनाई जाएगी, जिससे कोई भी व्यक्ति अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
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