उत्तर प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों को पूरी तरह सटीक और समावेशी बनाने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने व्यापक स्तर पर कदम उठाया है। राज्य में मतदाता सूची के ईपी रेशियो (जनसंख्या के सापेक्ष मतदाता अनुपात) और जेंडर रेशियो (लिंगानुपात) को मानक के अनुरूप लाने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के स्पष्ट आदेशों के क्रम में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह ने प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को आधिकारिक पत्र भेजकर दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने को कहा है।
निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, राज्य में वर्तमान ईपी रेशियो और जेंडर रेशियो तय मानकों से कम पाया गया है, जिसे दुरुस्त करना बेहद जरूरी है। 'कोई मतदाता न छूटे' के संकल्प को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से वर्तमान में चल रहे निरंतर पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत पात्र नागरिकों को पंजीकृत करने की रणनीति बनाई गई है। इसके तहत अर्ह युवाओं, पहले से छूटे हुए मतदाताओं, पहली बार वोट डालने की पात्रता प्राप्त कर रहे लोगों, बेघर व्यक्तियों, दिव्यांगजनों और विशेष रूप से महिलाओं के नाम जोड़ने पर सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
इस महाभियान को सफल और प्रभावी बनाने के लिए कई प्रमुख सरकारी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसमें महिला कल्याण, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा विभाग, दिव्यांगजन कल्याण, ग्राम्य विकास और युवा कल्याण जैसे विभागों का सीधा सहयोग लिया जाएगा, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच बनाई जा सके।
अभियान के बारे में आम जनमानस को जागरूक करने के लिए जनपद स्तर पर विभिन्न संचार माध्यमों से सघन प्रचार-प्रसार करने और तत्काल प्रेस विज्ञप्ति जारी करने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को इन निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन कर धरातल पर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, जबकि अभियान से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइंस अलग से जारी की जाएंगी।