हरदोई जनपद में अतिवृष्टि और नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित ग्रामीणों को त्वरित राहत पहुंचाने के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह सक्रिय है। तहसील सदर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती वर्मा ने प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए पीड़ित लाभार्थियों को दैवीय आपदा सहायता राशि के चेक प्रदान किए। इसके साथ ही विभिन्न तहसीलों में प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, पशुओं के उपचार और फसलों के नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए टीमें लगातार गांवों में कैंप कर रही हैं।
आपदा प्रबंधन के अंतर्गत जनपद में अब तक प्रभावित परिवारों को बड़े पैमाने पर आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। अतिवृष्टि, चक्रवात, बाढ़ व राज्य घोषित आपदा के कारण हुई पशुहानि मद में 9,58,500 रुपये, जनहानि के मामलों में 64,00,000 रुपये और मकान क्षति के लिए 11,81,000 रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 1,00,000 रुपये की अहैतुक सहायता और किसानों को फसल क्षति की भरपाई के लिए 84,53,188 रुपये का कृषि निवेश अनुदान सीधे वितरित किया गया है, जबकि अवशेष मामलों में भुगतान की प्रक्रिया तेजी से जारी है।
सदर तहसील के अंतर्गत तहसीलदार सदर ने ग्राम रामपुर व केहरपुरवा का दौरा किया, जबकि नायब तहसीलदारों ने सुरसा ब्लॉक के महुराकला, तुर्तीपुर, धमेड़ी, बावन ब्लॉक के गंगौली तथा टडियावाँ के खेरवा दलौली में पहुंचकर फसल क्षति का मौके पर निरीक्षण किया। सुखौरा सहित अन्य गांवों में जनस्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा शिविर लगाकर ग्रामीणों को आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं।
शाहाबाद तहसील में उप जिलाधिकारी ने अतिवृष्टि से प्रभावित वीरमपुर, कपूरपुर और पिपरिया का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। इसके साथ ही कूचीखेड़ा और सिमरावां सहित प्रभावित क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीमों ने लोगों और मवेशियों का उपचार किया। सवायजपुर तहसील में उप जिलाधिकारी ने गर्रा नदी के किनारे बसे गांव मिरकापुर का दौरा कर तटवर्ती आबादी को बाढ़ की संभावना के प्रति जागरूक किया। इस क्षेत्र के बेडीजोर, बारामऊ और विजाना गांवों में भी विशेष मेडिकल कैंप संचालित किए गए।
बिलग्राम तहसील में गंगा नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि के मद्देनजर उप जिलाधिकारी ने राजघाट पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। फत्तेपुर चौगवां, मुर्तजाकुल्लीपुर, कटरी और जरसेनमऊ में ग्रामीणों व पशुओं के उपचार के साथ-साथ मकान व फसल क्षति का सर्वेक्षण पूरा कराया जा रहा है। वहीं संडीला तहसील के मरेऊआ और मतुआ गांवों में भी राहत शिविर लगाकर प्रभावित परिवारों को दवाइयां उपलब्ध कराई गईं और नुकसान का आकलन सुनिश्चित किया गया। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि आपदा की इस घड़ी में हर प्रभावित व्यक्ति तक समय से हरसंभव सहायता पहुंचाना प्राथमिकता है।