यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कौशल विकास मिशन का जलवा, जीता 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल' का प्रतिष्ठित सम्मान
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल' का प्रतिष्ठित पुरस्कार जीता।
ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित पांच दिवसीय उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हो गया। राज्य के युवाओं के हुनर, नवाचार और तकनीकी कौशल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने वाले उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने इस प्रतिष्ठित आयोजन में बड़ी सफलता हासिल की है। हॉल नंबर 7 में स्थापित यूपीएसडीएम के आकर्षक पवेलियन को इसके उत्कृष्ट प्रबंधन, रचनात्मक प्रस्तुति और प्रभावी संदेश के लिए 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन स्टॉल' के सम्मान से पुरस्कृत किया गया।
प्रदर्शनी के दौरान मिशन के पवेलियन में 16 विभिन्न प्रकार के तकनीकी एवं पारंपरिक कौशलों का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसने देश-विदेश से आए निवेशकों, उद्योगपतियों और आम दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। निर्णायक मंडल ने स्टॉल की भव्य रूपरेखा और संवादात्मक कार्यप्रणाली को सराहते हुए इसे शीर्ष स्थान प्रदान किया। मिशन की ओर से सहायक निदेशक डॉ. एम.के. सिंह ने यह पुरस्कार औपचारिक रूप से ग्रहण किया। इस बड़ी उपलब्धि पर मिशन निदेशक पुलकित खरे ने पूरी टीम की कर्तव्यनिष्ठा और कुशल प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सम्मान प्रदेश के परिश्रमी युवाओं की प्रतिभा और विभागीय प्रयासों का स्पष्ट प्रमाण है।
व्यापार मेले के अंतिम सत्र में यूपीएसडीएम परिसर लोक संगीत और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया। जानी-मानी लोक गायिका डॉ. मालविका हरिओम ने अपनी संगीत मंडली के साथ पारंपरिक लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा दीर्घा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। युवाओं और आगंतुकों ने इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया और गीतों की मधुर धुनों पर झूमते दिखाई दिए।
इसके साथ ही पवेलियन के भीतर स्थापित 'हुनर मंच' पर दिनभर विभिन्न प्रकार के कौशल प्रदर्शन और कलात्मक प्रस्तुतियां चलती रहीं। मेले में आए हजारों लोगों ने स्टॉल पर पहुंचकर आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार संचालित किए जा रहे रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। पांच दिवसीय इस आयोजन ने राज्य के दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले युवा प्रशिक्षुओं को अपनी योग्यता और दक्षता का वैश्विक स्तर पर परिचय देने का सशक्त अवसर प्रदान किया।
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