UPITS 2026: कौशल विकास पवेलियन में छाया 'स्किल मंच', पारंपरिक कलाओं ने मोहा मन
ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कौशल विकास मिशन के पवेलियन में 'स्किल मंच' बना आकर्षण। पारंपरिक हुनर और लाइव डेमो से जुड़े लोग।
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, शिल्पकला और युवाओं की कार्यकुशलता को वैश्विक मंच प्रदान करने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीसरे दिन उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) का पवेलियन आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। अवकाश का दिन होने के चलते बड़ी संख्या में परिवारों, छात्र-छात्राओं और युवाओं ने पवेलियन का भ्रमण किया। लोगों ने न केवल प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक शिल्पों और उत्पादों को नजदीक से देखा, बल्कि कई व्यावहारिक गतिविधियों में स्वयं भाग लेकर सीखने का अनूठा अनुभव भी प्राप्त किया।

पवेलियन में पहली बार शुरू किया गया 'स्किल मंच' पूरे आयोजन का मुख्य केंद्र बिंदु बना रहा। इस मंच पर बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक व कलात्मक प्रस्तुतियां देकर सभागार में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया। युवाओं ने गायन और ललित कलाओं के जरिए अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त किया। हुनर विषय पर आधारित सत्र में कलाकारों ने विविध रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाशक्ति को कैनवास पर उतारा। इस मंच की विशेषता यह रही कि इसमें उम्र का कोई बंधन नहीं दिखा और बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर इसे कौशल और करियर से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।
पवेलियन में लगाए गए विभिन्न कौशलों के सीधे प्रदर्शन (लाइव डेमो) ने लोगों को तकनीक और परंपरा से सीधे जोड़ा। टेराकोटा और पॉटरी के स्टॉल पर पहुंचे दर्शकों ने चाक पर स्वयं मिट्टी को आकार देकर सुंदर कलाकृतियां गढ़ने का अनुभव लिया। इसी प्रकार लखनऊ की प्रसिद्ध चिकनकारी के स्टॉल पर सुई और धागे से की जाने वाली महीन कारीगरी की बारीकियों को समझा गया और कई लोगों ने इसे अपने हाथों से आजमाया। खुद करके सीखने की इन गतिविधियों ने आगंतुकों के उत्साह को दोगुना कर दिया।

इसके अतिरिक्त एक जिला एक उत्पाद योजना से जुड़े विभिन्न जनपदों के स्टॉलों पर भी निरंतर चहल-पहल देखी गई। बनारस के लकड़ी के खिलौने, आजमगढ़ की ऐतिहासिक ब्लैक पॉटरी और मथुरा के सजावटी शिल्पों को देखने व समझने में लोगों ने गहरी दिलचस्पी दिखाई। प्रतापगढ़ के स्टॉल पर आंवले से निर्मित विभिन्न उत्पादों की जानकारी लेने के साथ-साथ लोगों ने उनके स्वाद का आनंद लिया। इस तरह पूरा परिसर हुनर, नवाचार और सीखने के जीवंत संगम के रूप में उभरकर सामने आया।
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