UPITS-2026: ग्रेटर नोएडा में बिखरेगा संभल का जलवा, हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी के लिए 7 फर्मों को मिले स्टॉल

ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2026) में संभल के प्रसिद्ध हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी के लिए सात फर्मों को स्टॉल आवंटित किए गए हैं।

By INA News Desk
Sep 21, 2026 - 21:45
4 Views
UPITS-2026: ग्रेटर नोएडा में बिखरेगा संभल का जलवा, हॉर्न-बोन क्राफ्ट और सोनपापड़ी के लिए 7 फर्मों को मिले स्टॉल

संभल। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के राज्य सरकार के संकल्प को गति देने और स्थानीय शिल्पकारों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले 'यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UPITS-2026) में संभल जनपद की मजबूत उपस्थिति दर्ज होगी। आगामी 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा के प्रतिष्ठित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने जा रहे इस विशाल व्यापार मेले में संभल के विश्वविख्यात 'हॉर्न एवं बोन क्राफ्ट' और लजीज सोनपापड़ी का प्रदर्शन वैश्विक मंच पर किया जाएगा।

जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के अनुसार, प्रदेश सरकार की 'एक जनपद-एक उत्पाद' (ODOP), 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ODOC) तथा एमएसएमई संवर्धन नीति के अंतर्गत संभल की सात प्रमुख औद्योगिक फर्मों और कुशल दस्तकारों को प्रदर्शनी के विभिन्न हॉल में स्टॉल आवंटित कर दिए गए हैं। लगभग 1.10 लाख वर्ग मीटर से अधिक विस्तृत क्षेत्र में सजने वाले इस मेले में 2,400 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शक शिरकत कर रहे हैं, जहां संभल के कारीगर विदेशी खरीदारों के सम्मुख सीधे अपने उत्पादों की विशिष्टता पेश करेंगे।

हॉल नंबर 9 में सजेगा सींग और हड्डी की कलाकृतियों का संसार

संभल का हॉर्न एवं बोन हस्तशिल्प सदियों से अपनी बारीक नक्काशी और फिनिशिंग के लिए वैश्विक पटल पर सराहा जाता रहा है। मेले के हॉल नंबर 9 (ओडीओपी पवेलियन) में जिले के प्रमुख दस्तकारों को स्थान दिया गया है। विभागीय सूची के अनुसार, मोहम्मद आरिफ को स्टॉल संख्या एच9-0116/ और शाह आलम को स्टॉल संख्या एच9-02/72 आवंटित किया गया है। ये शिल्पी सींग और मृत मवेशियों की हड्डियों से निर्मित टेबलवेयर, फोटो फ्रेम, कटलरी, बटन और आकर्षक घरेलू सजावटी सामान का प्रदर्शन करेंगे।

इसी क्रम में काष्ठ कला (वुडन हैंडीक्राफ्ट्स) के क्षेत्र में काम कर रही फर्म 'अमेजिंग क्राफ्ट होम' के विकास जैन को हॉल नंबर 9 में स्टॉल संख्या एच9-03/126, 127, 128 और 129 के रूप में चार स्टॉलों का एक संयुक्त और विस्तृत स्पेस दिया गया है। यहां पारंपरिक लकड़ी की नक्काशी और आधुनिक कलात्मक फर्नीचर व शोपीस का भव्य डिस्प्ले तैयार किया जाएगा।

एमएसएमई और एक्सपोर्ट पवेलियन में दिखेगा आधुनिक नवाचार

संभल के उद्यमियों ने पारंपरिक शिल्पकला में समकालीन प्रयोग कर अंतरराष्ट्रीय मानकों के उत्पाद तैयार किए हैं। हॉल नंबर 10 (एमएसएमई पवेलियन) में जुबैर उमर (फर्म: जुबैर उमर मिस्टर जुबैर) को स्टॉल संख्या एच10-08/457 आवंटित किया गया है। वे हॉर्न-बोन के साथ एपॉक्सी रेजिन आर्ट और प्रीमियम वुड का सम्मिश्रण कर तैयार की गई घड़ियां, लैंप और आधुनिक इंटीरियर उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।

इसके अतिरिक्त, हॉल नंबर 14 (ओडीओपी) में हैंडीक्राफ्ट्स वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से 'नीलकंठ ओवरसीज' के कमल कौशल वार्ष्णेय को स्टॉल एच14-14/44 तथा शहादत हुसैन को स्टॉल एच14-14/42 आवंटित किया गया है। वहीं हॉल नंबर 11 में 'डेकोर वर्ल्ड एक्सपो' के मोहम्मद आकिब यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के सहयोग से संभल के निर्यात-गुणवत्ता वाले उत्पादों को वैश्विक प्रतिनिधियों के सामने रखेंगे।

'एक जिला, एक व्यंजन': वैश्विक मेहमानों में घुलेगी संभल की सोनपापड़ी की मिठास

इस ट्रेड शो में संभल केवल अपनी दस्तकारी तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले का पारंपरिक स्वाद भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महकेगा। 'एक जिला, एक व्यंजन' (ODOC) योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए हॉल नंबर 16 में विशेष व्यवस्था की गई है।

संभल के जाने-माने मिष्ठान निर्माता 'दक्ष स्वीट सेंटर' के संचालक राजेंद्र कुमार को यहां स्टॉल आवंटित किया गया है। इस स्टॉल पर संभल की पहचान बन चुकी विशेष रेशेदार सोनपापड़ी तैयार और प्रदर्शित की जाएगी। योजना का उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को स्थानीय मिठास से परिचित कराना और पैकेज्ड फूड के रूप में इसके निर्यात के नए रास्ते तलाशना है।

कारीगरों की आय बढ़ाने और सीधे व्यापारिक ऑर्डर मिलने की उम्मीद

संभल के जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त उद्योग मुकेश कुमार ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जिले के छोटे कारीगरों और बड़े निर्यातकों के बीच की खाई को पाटने का एक अनूठा माध्यम है। उन्होंने रेखांकित किया कि ओडीओपी और ओडीओसी के तहत चयनित इकाइयों को वैश्विक मंच मुहैया कराने के लिए प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता के साथ स्टॉल आवंटन प्रक्रिया संपन्न कराई है।

अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों में बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है और स्थानीय कारीगर सीधे विदेशी बायर्स (आयातकों) से बातचीत कर आपूर्ति अनुबंध (सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट) हासिल कर सकते हैं। इससे जिले में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, विदेशी मुद्रा का अर्जन होगा और पारंपरिक शिल्प से जुड़ी युवा पीढ़ी को भी अपने पुश्तैनी काम में बेहतर भविष्य दिखाई देगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow