Varanasi News: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगी काशी के हुनर की चमक, 45 उद्यमी लेकर पहुंचेंगे बनारसी विरासत

ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वाराणसी के 45 उद्यमी बनारसी सिल्क, गुलाबी मीनाकारी, खिलौने और प्रसिद्ध व्यंजनों का प्रदर्शन करेंगे।

By INA News Desk
Sep 23, 2026 - 19:28
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Varanasi News: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगी काशी के हुनर की चमक, 45 उद्यमी लेकर पहुंचेंगे बनारसी विरासत
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वाराणसी। अपनी सदियों पुरानी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक चेतना और अद्वितीय हस्तशिल्प परंपरा के लिए विख्यात धर्मनगरी काशी अब वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य पर अपनी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UPITS) के चौथे संस्करण में वाराणसी के 45 उद्यमी और हस्तशिल्पी अपने पारंपरिक शिल्पों एवं आधुनिक विनिर्मित उत्पादों का व्यापक प्रदर्शन करेंगे।

इस विशाल व्यापारिक समागम के माध्यम से काशी के ताने-बाने, शिल्पकला, लाइफस्टाइल और लजीज खान-पान की विविधता को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में विश्वभर से आने वाले विदेशी खरीदारों (बायर्स), संस्थागत आयातकों और खुदरा श्रृंखलाओं के प्रतिनिधियों को बनारसी कारीगरी से सीधे रूबरू होने और व्यापारिक साझेदारी स्थापित करने का अवसर प्राप्त होगा।

45 उद्यमियों का हुआ पंजीकरण, विभिन्न श्रेणियों में बंटे स्टॉल

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, वाराणसी के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी के अनुसार, ट्रेड शो में जिले का प्रतिनिधित्व व्यापक और संतुलित रखा गया है। इसमें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP), भौगोलिक उपदर्शन (GI) प्रमाणन प्राप्त पारंपरिक शिल्पों, नवोदित व नियमित निर्यातकों तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का समावेश किया गया है।

वाराणसी से पंजीकृत कुल 45 इकाइयों का श्रेणीवार विवरण इस प्रकार है:

  • एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP): 15 इकाइयां

  • भौगोलिक उपदर्शन (GI उत्पाद): 10 इकाइयां

  • एमएसएमई विनिर्माण क्षेत्र: 7 इकाइयां

  • नवोदित निर्यातक: 7 इकाइयां

  • स्थापित/पुराने निर्यातक: 1 इकाई

  • एक जिला-एक व्यंजन (ODOC): 4 इकाइयां

  • मुख्यमंत्री युवा योजना (महिला उद्यमी): 1 इकाई

पारंपरिक शिल्प से आधुनिक औद्योगिक उत्पादों तक का संगम

प्रदर्शनी परिसर में काशी के हस्तशिल्प और औद्योगिक विकास के दोहरे स्वरूप को प्रस्तुत किया जाएगा। एक ओर जहां हथकरघे पर बुनी गई पारंपरिक बनारसी सिल्क साड़ियां, बनारसी ब्रोकेड, हस्तनिर्मित सिल्क फैब्रिक्स, विश्व प्रसिद्ध गुलाबी मीनाकारी, लकड़ी के रोगनदार खिलौने (वुडेन लैकरवेयर) और सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क के स्टॉल लगेंगे; वहीं दूसरी ओर आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप तैयार तकनीकी उत्पादों का भी प्रदर्शन होगा।

जिले के एमएसएमई और युवा उद्यमी अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स में प्रयुक्त होने वाले उच्च गुणवत्ता के कंटेनर बैग्स, मल्टीफिलामेंट यार्न तथा औद्योगिक पैकिंग सामग्री पेश करेंगे। विदेशों में बल्क पैकेजिंग और परिवहन के लिए इन कंटेनर बैग्स की भारी मांग है। इसके अतिरिक्त, महिला स्वास्थ्य और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े प्राकृतिक वेलनेस उत्पाद भी मेले में प्रदर्शित किए जाएंगे।

बनारसी स्वाद का आकर्षण: पान, लौंगलता और तिरंगी बर्फी

शिल्प और परिधानों के साथ-साथ काशी की समृद्ध खान-पान परंपरा भी ट्रेड शो में आगंतुकों को आकर्षित करेगी। 'एक जिला-एक व्यंजन' (ODOC) श्रेणी के तहत 4 पंजीकृत इकाइयां बनारस के लजीज व्यंजनों के काउंटर संचालित करेंगी।

आगंतुकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के लिए बनारस का सुप्रसिद्ध 'बनारसी पान' आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा। इसके साथ ही पारंपरिक मिठाइयों के अंतर्गत देसी घी से तैयार होने वाला रसीला 'लौंगलता' और स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक यादों को संजोए 'तिरंगी बर्फी' का लाइव स्वाद और डिस्प्ले प्रस्तुत किया जाएगा।

हस्तशिल्पियों और उद्योग जगत में नए निर्यात अनुबंधों की उम्मीद

ट्रेड शो में भाग ले रहे राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर सम्मानित कारीगरों ने इस मंच को अपने उद्यम के विस्तार के लिए ऐतिहासिक बताया है।

"जीआई और ओडीओपी गुलाबी मीनाकारी जैसी महीन पारंपरिक कलाओं को जब अंतरराष्ट्रीय खरीदार सीधे देखते हैं, तो कारीगरों को उनकी कला का वास्तविक मूल्य और सीधा बाजार मिलता है। बिचौलियों के हटने से कारीगरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।" - कुञ्ज बिहारी, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हस्तशिल्पी (गुलाबी मीनाकारी)

वाराणसी के लकड़ी के खिलौना उद्योग से जुड़ी उद्यमी अमृता सिंह और सीएम युवा योजना से लाभान्वित होकर महिला स्वास्थ्य आधारित वेलनेस उत्पाद बनाने वाली 'श्री विधि ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स' की निदेशक अदिति सिंह का कहना है कि यह आयोजन स्थानीय स्तर पर नवाचार करने वाली महिला उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पैकेजिंग और मार्केटिंग सीखने का अवसर देता है।

"उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो पूर्वांचल सहित पूरे प्रदेश के एमएसएमई तथा हैंडीक्राफ्ट क्षेत्र को स्थानीय बाजार से निकालकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने का अत्यंत प्रभावी माध्यम बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ बी2बी बैठकों से जो नए निर्यात आर्डर और निवेश प्राप्त होते हैं, उससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और स्थानीय स्तर पर व्यापक रोजगार का सृजन होता है।" - राजेश भाटिया, अध्यक्ष - द स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, वाराणसी

काशी की सदियों पुरानी शिल्प धरोहर और बदलते औद्योगिक ढांचे का यह साझा प्रदर्शन साबित करता है कि पूर्वांचल अब केवल सांस्कृतिक केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार और विनिर्माण का एक उभरता हुआ केंद्र बन रहा है।

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