Prayagraj News: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हुनर की त्रिवेणी, 10 उद्यमी लगाएंगे 12 स्टॉल

ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में प्रयागराज के 10 उद्यमी 12 स्टॉलों पर मूंज हस्तशिल्प, 70 साल पुराना सूखा समोसा, परिधान और इत्र प्रदर्शित करेंगे।

By INA News Desk
Sep 23, 2026 - 19:58
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Prayagraj News: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रवाहित होगी संगम नगरी के हुनर की त्रिवेणी, 10 उद्यमी लगाएंगे 12 स्टॉल

प्रयागराज। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम की नगरी प्रयागराज अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंच पर अपने पारंपरिक शिल्प, अनूठे खान-पान और विशिष्ट परिधानों की अद्भुत त्रिवेणी प्रवाहित करने जा रही है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UPITS) के चौथे संस्करण में संगम नगरी के 10 प्रमुख उद्यमी और नवाचारी अपने उत्पादों की धमक दिखाएंगे। राज्य सरकार की औद्योगिक एवं स्थानीय संवर्धन नीति के तहत इन उद्यमियों के लिए मेले में कुल 12 विशेष स्टॉल आवंटित किए गए हैं।

प्रशासनिक स्तर पर की गई तैयारियों के अनुसार, इस बार ट्रेड शो में प्रयागराज की पहचान केवल आस्था तक सीमित न रहकर उसके समृद्ध हस्तशिल्प, सदियों पुरानी मिष्ठान-नमकीन परंपरा, आधुनिक फैशन परिधान और सुगंध उद्योग के रूप में वैश्विक खरीदारों के सामने प्रस्तुत होगी।

हस्तशिल्प, खान-पान और परिधानों का संगम: 12 स्टॉलों पर सजेगा बाजार

जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र, प्रयागराज के उपायुक्त उद्योग शरद टंडन के अनुसार, मेले में प्रयागराज का प्रतिनिधित्व संतुलित और बहुआयामी रखा गया है। विभिन्न श्रेणियों के तहत जिले की 10 चुनिंदा इकाइयों का चयन किया गया है, जो 12 स्टॉलों पर अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगी।

प्रतिभागियों का श्रेणीवार विवरण इस प्रकार है:

  • एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP): मूंज हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए 3 इकाइयों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं।

  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME): 5 प्रमुख इकाइयां तकनीकी, पैकेजिंग और लाइफस्टाइल उत्पादों के साथ शामिल हैं।

  • नवोदित निर्यातक श्रेणी: पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कदम बढ़ा रही 1 इकाई को स्थान मिला है।

  • एक जिला-एक व्यंजन (ODOC): स्थानीय पारंपरिक स्वाद के वैश्विक प्रचार हेतु 1 विशेष इकाई का चयन किया गया है।

मूंज हस्तशिल्प: स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का ईको-फ्रेंडली हुनर

प्रयागराज के नैनी और आसपास के कछारी इलाकों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले सरपत (मूंज) से तैयार होने वाले उत्पाद इस बार अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बनेंगे। ओडीओपी श्रेणी के अंतर्गत मूंज के अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्पाद तैयार करने वाली प्रमुख इकाई 'द परफेक्ट बाजार' का चयन किया गया है।

इकाई के साझेदार पवन कुमार मिश्रा के अनुसार, उन्हें ट्रेड शो के हॉल नंबर 10 में स्टॉल आवंटित किया गया है। यहां मूंज से निर्मित टोकरियां, टेबल मैट, लैंप शेड, कोस्टर, आधुनिक इंटीरियर डेकोर और गिफ्ट बास्केट जैसी एक दर्जन से अधिक श्रेणियों के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार ये सभी उत्पाद 100 प्रतिशत पर्यावरण-अनुकूल (ईको-फ्रेंडली) और बायो-डिग्रेडेबल हैं। यूरोपीय और अमेरिकी देशों में प्लास्टिक के विकल्प के रूप में ऐसे प्राकृतिक उत्पादों की भारी मांग है।

70 साल पुराना स्वाद: 15 दिन तक सुरक्षित रहने वाला 'ड्राई समोसा'

उत्तर प्रदेश के पारंपरिक खान-पान की अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग के लिए मुख्यमंत्री द्वारा शुरू की गई 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ODOC) योजना के तहत इस बार प्रयागराज का प्रसिद्ध समोसा वैश्विक मंच पर परोसा जाएगा। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि इस श्रेणी में प्राप्त 11 आवेदनों में से बलुआ घाट स्थित 70 साल पुरानी ख्याति प्राप्त फर्म 'मुंडा स्नैक्स' का चयन किया गया है, जिसे वहां निशुल्क स्टॉल प्रदान किया गया है।

मुंडा स्नैक्स के प्रतिनिधि अमित यादव के अनुसार, ट्रेड शो के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया 'ड्राई मसाला समोसा' ग्रेटर नोएडा भेजा जा रहा है। देशी घी, काजू-किशमिश जैसे मेवों और विशेष मसालों से तैयार इस समोसे की विशेषता इसकी आधुनिक वैक्यूम पैकेजिंग है, जिसके चलते यह सामान्य तापमान पर भी 15 दिनों तक पूरी तरह ताजा और कुरकुरा बना रहता है। मेले के लिए 5,000 से अधिक ड्राई पीस ले जाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त खाद्य प्रसंस्करण श्रेणी में केशरी गृह उद्योग, इकावा एग्रो और श्याम डेयरी के पैकेज्ड उत्पाद भी स्वाद का जादू बिखेरेंगे।

खादी परिधान और 60 तरह के इत्र की फ्यूजन खुशबू

ट्रेड शो में प्रयागराज के टेक्सटाइल और परफ्यूमरी सेक्टर की भी सशक्त मौजूदगी दर्ज होगी:

  • हस्तनिर्मित परिधान: वस्त्र निर्माण श्रेणी में तीन प्रमुख इकाइयां भाग ले रही हैं—पुष्पांजलि से मिली मेहरोत्रा, अकील एम्ब्रायडरी से अकील अहमद और पवन मिश्रा ग्रामोद्योग से पवन मिश्रा। ये उद्यमी खादी, सूती वस्त्रों पर पारंपरिक जरदोजी, हाथ की बारीक एम्ब्रॉयडरी और ब्लॉक प्रिंटिंग के परिधान प्रस्तुत करेंगे।

  • सुगंध और इत्र उद्योग: एमएसएमई श्रेणी के तहत पहली बार प्रयागराज की आधुनिक इत्र इकाई 'विफ़्फास फ्रैग्रेंस' (Whiffhaus Fragrance) को स्थान मिला है। इकाई के प्रतिनिधि अनवर आजम के अनुसार, वे भारतीय पारंपरिक अर्क और आधुनिक फ्रेंच तकनीकों के सम्मिश्रण (फ्यूजन) से तैयार 60 विभिन्न प्रकार के प्रीमियम इत्र व सुगंधित उत्पाद वैश्विक खरीदारों के सम्मुख पेश करेंगे।

विदेशी व्यापारिक घरानों, संस्थागत आयातकों और बड़े खुदरा विक्रेताओं से सीधा संपर्क स्थापित होने से प्रयागराज के कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को बड़े निर्यात अनुबंध मिलने की उम्मीद है, जिससे संगम नगरी की अर्थव्यवस्था को नए पंख लगेंगे।

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