UPITS 2026: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगा ‘बिजनेस-रेडी’ उत्तर प्रदेश का दम, इन्वेस्ट यूपी के दो पवेलियन में जुटेंगे ग्लोबल निवेशक

ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इन्वेस्ट यूपी 6 साझीदार देशों, 36 विदेशी प्रदर्शकों और 100 ग्लोबल बायर्स के साथ उतरेगा।

By INA News Desk
Sep 23, 2026 - 19:56
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UPITS 2026: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगा ‘बिजनेस-रेडी’ उत्तर प्रदेश का दम, इन्वेस्ट यूपी के दो पवेलियन में जुटेंगे ग्लोबल निवेशक

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख विनिर्माण और निवेश केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार आगामी 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UPITS) 2026 के चौथे संस्करण को एक बड़े वैश्विक आर्थिक मंच के रूप में प्रस्तुत करने जा रही है। 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय महाआयोजन में प्रदेश के 'बिजनेस-रेडी' औद्योगिक परिवेश, निवेश-अनुकूल नीतियों और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' के क्षेत्र में आए बुनियादी सुधारों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रदेश की नोडल निवेश संवर्धन एजेंसी 'इन्वेस्ट यूपी' द्वारा ट्रेड शो के ग्राउंड और अपैरल फ्लोर पर स्थित हॉल-1 और हॉल-4 में दो विशाल एवं समर्पित पवेलियन स्थापित किए जा रहे हैं। ये पवेलियन देश-विदेश से आने वाले बहुराष्ट्रीय कॉरपोरेट्स, संस्थागत निवेशकों, राजनयिकों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के लिए राज्य में पूंजी निवेश, संयुक्त उद्यम और तकनीकी हस्तांतरण के अवसरों को समझने का प्राथमिक संपर्क केंद्र बनेंगे। यहां राज्य सरकार द्वारा लागू की गई 36 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक नीतियों, वित्तीय प्रोत्साहनों और सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम (निवेश मित्र) की विस्तृत जानकारी डिजिटल माध्यमों से उपलब्ध कराई जाएगी।

छह साझेदार देश और 100 अंतरराष्ट्रीय खरीदार होंगे शामिल

इस वर्ष यूपीआईटीएस के अंतरराष्ट्रीय आयाम को और अधिक विस्तार मिला है। मेले में छह प्रमुख विकसित एवं विकासशील राष्ट्र—जापान, रूस, वियतनाम, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस—आधिकारिक 'साझेदार देश' (पार्टनर कंट्रीज) के रूप में सम्मिलित हो रहे हैं। इन देशों की शीर्ष औद्योगिक कंपनियां अपने आधुनिक उत्पादों, उन्नत तकनीकों और भविष्योन्मुखी व्यापारिक मॉडलों का प्रदर्शन करेंगी।

आयोजन में करीब 100 प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खरीदार (ग्लोबल बायर्स) शिरकत कर रहे हैं, जो उत्तर प्रदेश में तैयार होने वाले उत्पादों की सोर्सिंग, आपूर्ति श्रृंखला और बड़े पैमाने पर खरीद अनुबंधों की संभावनाएं तलाशेंगे। इसके अतिरिक्त, 36 विदेशी प्रदर्शक अपने विनिर्माण और इंजीनियरिंग टूल्स का सीधा प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और वैश्विक व्यापारिक प्रमुखों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ताएं भी प्रस्तावित हैं, जिससे राज्य में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के प्रवाह को गति मिलेगी।

सेक्टोरल राउंडटेबल: सेमीकंडक्टर, फार्मा और ग्लोबल सप्लाई चेन पर मंथन

ट्रेड शो के उद्घाटन सत्र के उपरांत इन्वेस्ट यूपी के समन्वय में उद्योग जगत के दिग्गजों, नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ गहन विचार-विमर्श के लिए विशेष 'एग्जीक्यूटिव और सेक्टोरल राउंडटेबल' सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इन सत्रों के प्रमुख विषय निम्नलिखित होंगे:

  • ग्लोबल सप्लाई चेन का पुनर्गठन: ‘रीइमैजिनिंग ग्लोबल सप्लाई चेन्स : व्हाई उत्तर प्रदेश मैटर्स नाउ’ विषयक सत्र में यह रेखांकित किया जाएगा कि वैश्विक विनिर्माण में चीन के विकल्प के रूप में उत्तर प्रदेश किस प्रकार एक रणनीतिक केंद्र बन चुका है।

  • सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण: इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM), चिप डिजाइनिंग और सेमीकंडक्टर क्लस्टर पर विशेष निवेशक सत्र आयोजित होगा।

  • फर्मास्युटिकल्स एवं मेडटेक: मेडिकल डिवाइस पार्कों, जीवनरक्षक दवाओं और बल्क ड्रग्स के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी पर मंथन।

  • टेक्सटाइल एवं खाद्य प्रसंस्करण: परिधान विनिर्माण, मेगा टेक्सटाइल पार्क और कृषि-आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में निवेश की असीम संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा।

  • केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSUs): रक्षा गलियारे (डिफेंस कॉरिडोर) और भारी उद्योगों में केंद्रीय उपक्रमों के माध्यम से औद्योगिक विस्तार।

'लोकल टू ग्लोबल': एमएसएमई और कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय बाजार

यह आयोजन केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुख्यमंत्री के 'लोकल टू ग्लोबल' विजन को धरातल पर उतारने का माध्यम बनेगा। एक जिला-एक उत्पाद (ODOP), हथकरघा, हस्तशिल्प, कारपेट, पीतल उद्योग और लेदर विनिर्माण से जुड़ी राज्य की लाखों एमएसएमई इकाइयों को विदेशी खरीदारों के साथ सीधे बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकों का अवसर मिलेगा।

बिचौलियों की व्यवस्था समाप्त होने से स्थानीय उत्पादकों को उनके उत्पादों का अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिलेगा और सीधे निर्यात ऑर्डर हासिल होंगे। उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर तक ले जाने के प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यावहारिक आधार प्रदान करना है।

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