UPITS 2026: इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगा यूपी का एग्री 'कल्चर', 1000 वर्ग मीटर में सजेगी कृषि विभाग की भव्य प्रदर्शनी

ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में 1,000 वर्ग मीटर में कृषि विभाग की विशेष प्रदर्शनी लगेगी। 20 एफपीओ और 40 कृषि फर्में लेंगी हिस्सा।

By INA News Desk
Sep 21, 2026 - 21:49
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UPITS 2026: इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगा यूपी का एग्री 'कल्चर', 1000 वर्ग मीटर में सजेगी कृषि विभाग की भव्य प्रदर्शनी

लखनऊ/ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से आगामी 25 से 29 सितंबर 2026 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (UPITS-2026) का चतुर्थ संस्करण आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में जहां देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और औद्योगिक विरासत से रूबरू होंगे, वहीं इस बार विशेष रूप से प्रदेश के 'एग्री कल्चर' (उन्नत कृषि संस्कृति एवं आधुनिक खेती) का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा।

इस वैश्विक आयोजन में उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग की सबसे बड़ी और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। विभाग को ट्रेड शो परिसर में 1,000 वर्ग मीटर का विस्तृत प्रदर्शनी क्षेत्र आवंटित किया गया है। इस विशाल मंच पर 20 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, कृषि निवेशों से जुड़ी 40 प्रमुख फर्में, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (आईआरआरआई) का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (वाराणसी), मंडी परिषद और कृषि विपणन निदेशालय संयुक्त रूप से प्रदेश के कृषि सामर्थ्य को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे।

1000 वर्ग मीटर में सजेगा आधुनिक और पारंपरिक खेती का संसार

ट्रेड शो में तैयार किए जा रहे विशेष कृषि पवेलियन का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीक, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ना है। 1,000 वर्ग मीटर के इस विशाल भूभाग में उन्नत कृषि उपकरण, आधुनिक ड्रोन तकनीक, उच्च गुणवत्ता वाले बीज, पर्यावरण-अनुकूल उर्वरक तथा जैव एवं पौध संरक्षण रसायनों के निर्माताओं को एक ही छत के नीचे मंच उपलब्ध कराया गया है।

इस प्रदर्शनी के माध्यम से विदेशी खरीदारों और राष्ट्रीय स्तर के निर्यातकों को यह दिखाया जाएगा कि उत्तर प्रदेश केवल खाद्यान्न उत्पादन में ही अग्रणी नहीं है, बल्कि खाद्य प्रसंस्करण, कृषि यंत्रीकरण और गुणवत्तापूर्ण बीजों के उत्पादन में भी नए मानक स्थापित कर रहा है। प्रदेश भर के विभिन्न अंचलों की भौगोलिक विविधता और वहां की स्थानीय फसलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीधे बाजार मिलने की संभावना इस आयोजन से मजबूत हुई है।

20 से अधिक जिलों के एफपीओ की मजबूत सहभागिता

कृषि विभाग के सतत संवाद और समन्वय के चलते इस मेले में राज्य के 20 से अधिक अग्रणी किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सीधे स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। इन एफपीओ के जरिए छोटे और सीमांत किसानों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बिचौलियों के बिना सीधे अंतरराष्ट्रीय कॉर्पोरेट बायर्स के समक्ष पेश किया जाएगा।

सहभागिता करने वाले जनपदों में अलीगढ़, सीतापुर, वाराणसी, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, ललितपुर, मीरजापुर, हरदोई, बुलंदशहर, प्रतापगढ़, बहराइच, इटावा, गाजियाबाद, अमरोहा, कानपुर, सहारनपुर और गोंडा जैसे प्रमुख कृषि केंद्र शामिल हैं। कृषि विभाग द्वारा कुल 61 स्टॉल स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें 20 स्टॉल सीधे एफपीओ के होंगे, 40 स्टॉल बीज, पेस्टिसाइड, फर्टिलाइजर और कृषि यंत्रों से जुड़ी कंपनियों के होंगे, जबकि 01 विशेष शासकीय स्टॉल राज्य सरकार की जनकल्याणकारी कृषि योजनाओं के प्रचार-प्रसार और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए आरक्षित रहेगा।

सुगम समन्वय के लिए पांच वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल दायित्व

इंटरनेशनल ट्रेड शो के आयोजन को त्रुटिरहित और व्यवस्थित बनाने के लिए कृषि विभाग ने तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल जिम्मेदारियां सौंपी हैं:

  • संपूर्ण व्यवस्था एवं समन्वय: संयुक्त कृषि निदेशक (ब्यूरो/नियोजन) एके सिंह को पूरे कार्यक्रम का मुख्य नोडल अधिकारी बनाया गया है।

  • बीज उद्योग समन्वय: अपर कृषि निदेशक (बीज व प्रक्षेत्र) वाईपी सिंह को बीज उत्पादन कंपनियों से तालमेल का प्रभार दिया गया है।

  • उर्वरक प्रबंधन: संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) हरेंद्र कुमार मिश्र उर्वरक कंपनियों की व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।

  • कृषि रक्षा एवं रसायन: अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र को पौध संरक्षण रसायन निर्माताओं का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

  • कृषि यंत्रीकरण एवं ड्रोन: संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) बलराम वर्मा को कृषि उपकरण, आधुनिक ट्रैक्टर और उन्नत ड्रोन निर्माण इकाइयों के समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह प्रशासनिक ढांचा सुनिश्चित करेगा कि प्रदर्शनी में भाग लेने वाले किसानों और उद्यमियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और आगंतुकों को सटीक तकनीकी परामर्श मिल सके।

कृषि मंत्री ने बताया उत्तर प्रदेश की प्रगति का दर्पण

आयोजन की तैयारियों को लेकर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चतुर्थ संस्करण राज्य के कृषि परिदृश्य को वैश्विक पहचान देने का अभूतपूर्व माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि विभाग ने अपनी सभी औपचारिक और व्यावहारिक तैयारियां समय से पूरी कर ली हैं।

कृषि मंत्री के अनुसार, यहां आने वाले राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय अतिथि उत्तर प्रदेश की आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि के तौर-तरीकों, यंत्रीकरण और किसानों की कड़ी मेहनत के सकारात्मक परिणामों से प्रत्यक्ष रूप से अवगत होंगे। बीज, उर्वरक और आधुनिक तकनीकों के समन्वय से प्रदेश के किसानों की आय में वृद्धि के नए द्वार खुलेंगे और कृषि निर्यात को व्यापक गति प्राप्त होगी।

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