यूपीआईटीएस में बनारसी खानपान की धूम: 100 किलो लौंगलता बिकी, जौनपुर की इमरती और पान का दिखा जलवा

ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के ओडीओसी पवेलियन में बनारस की प्रसिद्ध लौंगलता, तिरंगा बर्फी, जौनपुर की इमरती और चंदौली के काले चावल की भारी मांग रही।

By INA News Desk
Sep 30, 2026 - 00:07
6 Views
यूपीआईटीएस में बनारसी खानपान की धूम: 100 किलो लौंगलता बिकी, जौनपुर की इमरती और पान का दिखा जलवा

यूपीआईटीएस में पूर्वांचल के पारंपरिक स्वाद का जलवा, 100 किलो से अधिक बिकी लौंगलता और तिरंगा बर्फी

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में संपन्न उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के मंच पर औद्योगिक और तकनीकी उत्पादों के साथ-साथ प्रदेश के पारंपरिक खानपान ने भी खूब वाहवाही बटोरी। मेले में पहली बार शामिल की गई 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ओडीओसी) पहल के अंतर्गत पूर्वांचल के खास स्वादों ने देश-विदेश से पहुंचे खरीदारों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित किया। काशी की प्रसिद्ध मिठाइयों और बनारसी पान से लेकर जौनपुर की इमरती तक के स्टॉलों पर लगातार खरीदारों की कतारें लगी रहीं।

वाराणसी के पारंपरिक जायके की मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन के दौरान 100 किलोग्राम से अधिक लौंगलता की हाथों-हाथ बिक्री हो गई। लौंगलता विक्रेता चंद्रबली यादव ने बताया कि लोगों ने इस पारंपरिक मिष्ठान के अनूठे स्वाद को हाथों-हाथ लिया और आने वाले समय के लिए भी बड़े थोक ऑर्डर मिलने की मजबूत संभावना बनी है। वहीं स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से जुड़ी काशी की ऐतिहासिक तिरंगा बर्फी के काउंटर पर भी भारी भीड़ उमड़ी। तिरंगा बर्फी के व्यवसायी राजीव सिंह ने बताया कि मेले में ग्राहकों के अभूतपूर्व रिस्पॉन्स ने उम्मीदों से कहीं अधिक कारोबार दिया।

ओडीओसी पवेलियन में पारंपरिक उत्पादों की बिक्री व मांग

पारंपरिक उत्पाद एवं व्यंजन संबंधित जनपद बिक्री व प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण
लौंगलता एवं तिरंगा बर्फी वाराणसी 100 किलो से अधिक बिक्री, देशी-विदेशी खरीदारों की पहली पसंद
पारंपरिक इमरती जौनपुर 100 किलो की पूरी खेप समाप्त, मांग के आगे स्टॉक कम पड़ा
गो-आधारित काला चावल व खीर चंदौली 75 किलो काले चावल की बिक्री, पौष्टिक खीर की जबर्दस्त मांग
लाइव बनारसी पान काउंटर वाराणसी विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और आगंतुकों के बीच विशेष आकर्षण

वाराणसी की मिठाइयों के साथ-साथ जौनपुर की सुप्रसिद्ध इमरती ने भी आगंतुकों को अपने स्वाद का मुरीद बना लिया। इमरती विक्रेता आशीष गुप्ता के अनुसार करीब एक क्विंटल इमरती की बिक्री कुछ ही समय में पूरी हो गई और बढ़ती मांग के कारण स्टॉक कम पड़ गया। इसी प्रकार चंदौली के किसानों द्वारा गो-आधारित प्राकृतिक पद्धति से उगाया जाने वाला पोषक तत्वों से भरपूर काला चावल और उससे तैयार की गई लजीज खीर का स्वाद भी लोगों को खूब पसंद आया। प्राकृतिक खेती से जुड़े कृषक रामाश्रय कुमार पाल ने बताया कि मेले में लगभग 75 किलोग्राम काले चावल की बिक्री दर्ज हुई।

ट्रेड शो परिसर में स्थापित बनारसी पान के सजीव (लाइव) काउंटर पर दिनभर शौकीनों का जमावड़ा लगा रहा। देशी-विदेशी कारोबारियों ने बनारसी अंदाज में पान के बीड़े का आनंद लिया। उद्योग उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि ओडीओसी योजना के तहत स्थानीय खानपान से जुड़े उद्यमियों को निशुल्क स्टॉल और मंच उपलब्ध कराया गया था। इस सफल प्रयोग से स्थानीय रसोइयों और पारंपरिक उत्पादकों को वैश्विक स्तर के नए बाजार और बड़े व्यावसायिक संपर्क हासिल करने में सीधी मदद मिली है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow