यूपीआईटीएस में अमरोहा के शहद और कुकीज का डंका: इटली, ओमान और नीदरलैंड से मिले बड़े निर्यात ऑर्डर

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में अमरोहा के जैविक शहद और मिलेट्स कुकीज की धूम, इटली, नीदरलैंड और ओमान के खरीदारों ने दिए करोड़ों के निर्यात ऑर्डर।

By INA News Desk
Sep 30, 2026 - 00:09
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यूपीआईटीएस में अमरोहा के शहद और कुकीज का डंका: इटली, ओमान और नीदरलैंड से मिले बड़े निर्यात ऑर्डर

ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में संपन्न उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के मंच पर अमरोहा के ग्रामीण हुनर और जैविक उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर अपनी मजबूत धाक जमाई है। प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा स्थापित विशेष दीर्घा में प्रदर्शित प्रखंड बायो एनर्जी किसान प्रोड्यूसर कंपनी (किसान वेदा) के उत्पादों को विदेशी प्रतिनिधियों और घरेलू खरीदारों ने हाथों-हाथ लिया। गांव की चौखट से शुरू हुआ यह उद्यम अब वैश्विक बाजार का हिस्सा बन चुका है। इटली, ओमान और नीदरलैंड जैसे देशों की प्रतिष्ठित व्यापारिक कंपनियों ने बड़े पैमाने पर उत्पादों के आयात के लिए सहमति पत्रों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

प्रदर्शनी के दौरान प्राकृतिक नीम-मोरिंगा शहद और मोटे अनाजों से निर्मित मिलेट्स कुकीज विदेशी आयातकों की पहली पसंद बने। ओमान, जापान और नीदरलैंड के प्रतिनिधिमंडलों ने शहद की निरंतर आपूर्ति के लिए औपचारिक व्यापारिक समझौते किए। नीदरलैंड के व्यापारिक घरानों ने बड़े पैमाने पर बल्क सप्लाई की मांग रखते हुए शुरुआती चरण में एक से डेढ़ हजार बोतलों की पहली खेप पर सहमति बनाई। वहीं इटली के खरीदारों ने पोषक तत्वों से भरपूर ज्वार और रागी से बनी कुकीज के लिए 1,600 से 2,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की दर पर दीर्घकालिक अनुबंध किया। एफपीओ के सभी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रमाणित हैं।

अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मांग और अनुबंध: एक नजर

उत्पाद श्रेणी आयातक देश / संस्थाएं अनुबंध एवं आपूर्ति विवरण
प्राकृतिक नीम व मोरिंगा शहद नीदरलैंड, ओमान, जापान टनों में मांग, पहले चरण में 1,000 से 1,500 बोतलों की आपूर्ति पर सहमति
ज्वार-रागी मिलेट्स कुकीज इटली के व्यापारिक घराने ₹1,600 से ₹2,000 प्रति किलोग्राम की दर पर विशेष निर्यात समझौता
ताइवान पिंक अमरूद व मोरिंगा घरेलू एफपीओ व कंपनियाँ 10 से 15 बड़ी कंपनियों के साथ अग्रिम आपूर्ति समझौता
हस्तनिर्मित पारंपरिक उत्पाद स्थानीय व एनसीआर उपभोक्ता कमल ककड़ी अचार, लेमनग्रास तेल और हर्बल उत्पादों की भारी बिक्री

वैश्विक खरीदारों के साथ-साथ घरेलू कंपनियों और आम उपभोक्ताओं ने भी इन उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई। बागपत के प्रमुख उत्पादक संगठनों और 'डॉक्टर मोरिंगा' सहित करीब 15 घरेलू उद्यमों ने नियमित आपूर्ति के लिए व्यावसायिक बातचीत पूरी की। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर से पहुंचे परिवारों ने सब्जी के रूप में खाई जाने वाली कमल ककड़ी के पारंपरिक अचार, करौंदे, आंवले और लहसुन के घरेलू आचारों की खूब खरीदारी की। दूध की तुलना में कई गुना अधिक कैल्शियम से युक्त मोरिंगा चूर्ण, नीम शहद, मिलेट्स नमकीन, मल्टीग्रेन आटा और लेमनग्रास से बने चाय पत्ती, तेल तथा प्राकृतिक स्वच्छता उत्पादों की भी जमकर बिक्री हुई।

इस पूरी सफलता के पीछे लगभग 3,000 किसानों और 1,000 ग्रामीण महिलाओं की कड़ी मेहनत शामिल है। संस्था की प्रमुख हितेश चौधरी ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पारंपरिक गन्ना बेल्ट में नवाचार करते हुए 120 हेक्टेयर में उच्च गुणवत्ता वाले ताइवान पिंक अमरूद के पौधे रोपे गए। किसानों की नियमित आय सुनिश्चित करने के लिए गन्ने के साथ अमरूद, मोरिंगा और मिलेट्स की बहुफसली खेती का सफल मॉडल तैयार किया गया। बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के लिए संस्था सीधे किसानों से बाजार भाव से अधिक दरों पर फसल खरीदती है।

वर्ष 2020 में एक साधारण महिला स्वयं सहायता समूह और गन्ने की सिंगल बड नर्सरी से शुरू हुआ यह सफर आज 50 लाख रुपये से अधिक के वार्षिक कारोबार में बदल चुका है, जिसे चालू वित्तीय वर्ष में एक करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। कृषि विभाग और प्राकृतिक कृषि योजनाओं के माध्यम से आगे बढ़ते हुए यह संगठन अब मोरिंगा के लड्डू, बर्फी और विशेष हल्दी उत्पादों को बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले ने ग्रामीण भारत के इस नवाचार को सीधे वैश्विक मंच से जोड़कर नई पहचान दी है।

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