Meerut Business News: यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखेगा मेरठ का दम, 50 से ज्यादा उद्यमी वैश्विक मंच पर पेश करेंगे उत्पाद
ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में मेरठ के 50 से अधिक उद्यमी भाग लेंगे। खेल उपकरण, आधुनिक खेती, शहद और स्थानीय व्यंजनों को मिलेगा वैश्विक मंच।
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की औद्योगिक पहचान रखने वाला मेरठ जिला अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी व्यापारिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा रहा है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण में मेरठ के 50 से अधिक उद्यमी अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे। इस आयोजन का सीधा उद्देश्य स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले कृषि, खेल, हस्तशिल्प और खाद्य उत्पादों को विदेशी खरीदारों से जोड़ना तथा सीधे निर्यात के अवसर तैयार करना है।
ट्रेड शो में जिले के परंपरागत ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद), एमएसएमई और सूक्ष्म उद्यमियों के अलावा महिला और युवा उद्यमियों को विशेष मंच दिया जा रहा है। जिला उद्योग केंद्र और उद्यान विभाग के समन्वय से तैयार की गई इस कार्ययोजना के तहत उद्यमियों को अलग-अलग श्रेणी के हॉलों में स्टॉल आवंटित किए गए हैं, ताकि विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और बड़े कारोबारी घरानों के साथ 'बिजनेस टू बिजनेस' (बी2बी) स्तर पर सीधा संवाद स्थापित हो सके।
आधुनिक खेती और कृषि-प्रसंस्करण से उभरी नई संभावनाएं
मेरठ की पहचान अब केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि आधुनिक कृषि तकनीक और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) के क्षेत्र में भी जिले ने प्रगति की है। उद्यान विभाग के सहयोग से जिले के खेड़ा गांव निवासी किसान रविंद्र कुमार अपने पॉली हाउस उत्पादों को इस अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में प्रस्तुत करेंगे। रविंद्र कुमार ने संरक्षित खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कम भूमि में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन का मॉडल तैयार किया है।
उनके पॉली हाउस में विदेशी मांग के अनुरूप शिमला मिर्च और तोरई जैसी सब्जियों के अलावा जरबेरा और डच गुलाब जैसे व्यावसायिक फूलों की खेती की जा रही है। अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में उनके उत्पादों को शामिल करने का मकसद यह दिखाना है कि किस प्रकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान वैश्विक निर्यात मानकों के अनुसार ताजी सब्जियों और फूलों की आपूर्ति करने में सक्षम है।
इसी क्रम में मधुमक्खी पालन और शहद प्रसंस्करण के क्षेत्र में युवा उद्यमिता का उदाहरण बने भारत अघेरा की फर्म 'रेनट्रोव नेचुरल्स' भी वैश्विक खरीदारों के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। आधुनिक प्रसंस्करण व पैकेजिंग तकनीकों के जरिए इस इकाई ने बीते वर्ष 46 टन शहद का अंतरराष्ट्रीय निर्यात हासिल किया था। वर्तमान में लगभग तीन करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार तक पहुंची यह इकाई स्थानीय स्तर पर कच्चे शहद के संग्रहण और जांच की वैज्ञानिक पद्धति को ट्रेड शो में प्रस्तुत करेगी।
महिला उद्यमिता के मोर्चे पर अनुभी एंटरप्राइजेज की मधु अग्रवाल अपने खाद्य उत्पादों के साथ शिरकत करेंगी। उनके स्टॉल पर पारंपरिक भारतीय आचार, पौष्टिक सत्तू और फलों से बने जैम प्रदर्शित किए जाएंगे। यह सहभागिता ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा संचालित गृह उद्योगों को बड़े रिटेल और वैश्विक व्यापार से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
अलग-अलग हॉलों में मेरठ के उद्यमियों की मजबूत मौजूदगी
ट्रेड शो के विशाल परिसर में मेरठ के उत्पादों को उनकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग हॉलों में जगह दी गई है। जिला उद्योग केंद्र के अनुसार, हॉल संख्या 14 में जिले के सात नवीन निर्यातकों को नौ स्टॉल दिए गए हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में खेल सामग्री और निर्यात की संभावनाएं तलाश रहीं प्रिंसेस स्पोर्ट्स और तुलसी इंटरनेशनल एंड स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को दो-दो स्टॉल मिले हैं। वहीं सनी स्पोर्ट्स, एमएस इंटरनेशनल, यूनिक डेकोर, श्री एंटरप्राइजेज और मार्शल एक्सपोर्ट्स को एक-एक स्टॉल आवंटित किया गया है।
खेल उद्योग और काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध मेरठ को ओडीओपी श्रेणी के तहत हॉल संख्या 9 में विशेष स्थान मिला है। यहां एक्टिव स्पोर्ट्स के दो स्टॉल के साथ इरशाद मैजिक क्राफ्ट्स, जीए स्पोर्ट्स, क्राफ्ट मेकर्स आर्ट्स, रैनेशा स्पोर्ट्सवियर, सोल फॉर अर्थ और क्लासिक हैंडलूम के एक-एक स्टॉल लगाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय निर्यात के बड़े मानकों को पूरा करने वाले छह प्रमुख निर्यातकों को हॉल संख्या 15 में जगह मिली है, जबकि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) श्रेणी के तहत हॉल संख्या 10 में नौ उद्यमियों के लिए कुल 10 स्टॉल आरक्षित किए गए हैं। इस सुव्यवस्थित विभाजन से आने वाले विदेशी खरीदारों को संबंधित क्षेत्र के उत्पादकों से संपर्क साधने में आसानी होगी।
ओडीओसी योजना से मेरठ की रेवड़ी, गजक और नानखटाई को वैश्विक मंच
उद्योग और हस्तशिल्प के साथ-साथ मेरठ के पारंपरिक स्वाद को भी वैश्विक स्तर पर पहुंचाने की तैयारी है। राज्य सरकार द्वारा हर जिले के पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई 'एक व्यंजन एक उत्पाद' (ओडीओसी) योजना के तहत मेरठ की मशहूर गजक, रेवड़ी और नानखटाई को प्रमोट किया जा रहा है।
इस योजना के तहत शहर के तीन पारंपरिक निर्माताओं को ट्रेड शो में निशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं। सर्दियों के मौसम में उत्तर भारत में विशेष रूप से पसंद की जाने वाली मेरठ की खस्ता गजक और तिल की रेवड़ी के साथ सदियों पुरानी बेकरी परंपरा से जुड़ी नानखटाई को आधुनिक पैकेजिंग में पेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य केवल स्थानीय बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि खाड़ी देशों, यूरोप और अमेरिका में बसे भारतीय समुदाय तक इन पारंपरिक मिठाइयों का निर्यात नेटवर्क तैयार करना है।
विदेशी खरीदारों से सीधा संवाद और नए बाजार की उम्मीद
उपायुक्त उद्योग अमरेश कुमार पांडेय के अनुसार, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे आयोजन स्थानीय विनिर्माताओं को बिचौलियों के बिना सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन के दौरान कई देशों के दूतावासों के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संगठनों के सदस्य और थोक आयातक स्टॉलों का दौरा करेंगे।
मेरठ के उद्यमियों को इस दौरान विदेशी मानकों, पैकेजिंग आवश्यकताओं, क्वॉलिटी सर्टिफिकेशन और कस्टम नियमों को सीधे समझने का अवसर मिलेगा। प्रत्यक्ष ऑर्डरों के अलावा दीर्घकालिक आपूर्ति समझौतों (सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स) पर हस्ताक्षर होने की पूरी संभावना है, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था और रोजगार दोनों को गति मिलेगी।
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