Mathura News: जीएलए में आयोजित हुआ यूपी राइज 2026, छात्रों के 8 इनोवेटिव स्टार्टअप आइडिया हुए शॉर्टलिस्ट

मथुरा के जीएलए विश्वविद्यालय में 'यूपी राइज 2026' का आयोजन हुआ। 800 से अधिक छात्रों की भागीदारी के बीच 8 स्टार्टअप आइडिया शॉर्टलिस्ट हुए, जिसमें लिटिललिंगोस ने बाजी मारी।

By INA News Desk
Sep 18, 2026 - 22:41
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Mathura News: जीएलए में आयोजित हुआ यूपी राइज 2026, छात्रों के 8 इनोवेटिव स्टार्टअप आइडिया हुए शॉर्टलिस्ट

मथुरा। उत्तर प्रदेश के युवाओं को परंपरागत रोजगार तलाशने की मानसिकता से बाहर निकालकर उद्यम और नवाचार की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक अहम पहल सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प को गति देने के उद्देश्य से मथुरा में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित जीएलए विश्वविद्यालय परिसर में 'यूपी राइज 2026' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष समागम का मुख्य केंद्र युवाओं को स्वरोजगार के अवसरों, सरकारी स्टार्टअप योजनाओं और तकनीकी नवाचारों से सीधे जोड़ना रहा। कार्यक्रम में 800 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया, जहां उभरते हुए युवा उद्यमियों ने अपने व्यावहारिक बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए।

आयोजन की औपचारिक शुरुआत कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) डॉ. विवेक अग्रवाल, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह और मुख्य अतिथि सीए पलक राठी व शांतनु गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके की गई।

युवाओं को स्वावलंबी बनाने और स्टार्टअप नीतियों पर जोर

कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित रोजगारपरक और उद्यमिता प्रोत्साहन योजनाओं पर विशेषज्ञों ने विस्तार से प्रकाश डाला। मंच से वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित समाधान समाज की सबसे बड़ी जरूरत बन चुके हैं, और युवाओं के पास नवाचार को उद्यम में बदलने का सबसे अनुकूल माहौल है।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, उत्तर प्रदेश स्टार्टअप फंड और यूपी स्किल मिशन (कौशल विकास मिशन) के कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि छात्रों के पास कोई व्यावहारिक और समाधानपरक विचार (प्रॉब्लम-सॉल्विंग आइडिया) है, तो वित्तीय संसाधनों की कमी आड़े नहीं आएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना, कन्या सुमंगला योजना, निशुल्क टैबलेट व स्मार्टफोन वितरण योजना तथा महिला सामर्थ्य योजना से मिलने वाली सुविधाओं और प्रोत्साहनों के बारे में भी साझा किया गया, जिससे युवा आवश्यक वित्तीय सहायता का लाभ उठाकर अपने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा सकें।

25 में से 8 स्टार्टअप मॉडल हुए शॉर्टलिस्ट, दिखा स्वदेशी तकनीक का दम

यूपी राइज मंच पर आयोजित विचार प्रस्तुति प्रतियोगिता में युवा नवोन्मेषकों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम के दौरान कुल 25 स्टार्टअप प्रस्ताव जूरी के समक्ष पेश किए गए। गहन मूल्यांकन और तकनीकी परीक्षण के बाद 8 श्रेष्ठ विचारों को अंतिम सूची में जगह दी गई।

शॉर्टलिस्ट किए गए मॉडलों में विविध क्षेत्रों के व्यावहारिक समाधान शामिल रहे:

  • बुक माई सारथी: लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र की समस्याओं को सुगम बनाने पर केंद्रित मॉडल।

  • कैम्पोरा: कॉलेज परिसरों में छात्रों की दैनिक शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक जरूरतों के लिए तैयार कैंपस-फर्स्ट मार्केटप्लेस।

  • नमस्ते एआई: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर आधारित बहुउद्देश्यीय यात्रा मंच।

  • क्वांटावर्स टेक्नोलॉजीज: पूरी तरह स्वदेशी घटकों पर आधारित ड्रोन एवियोनिक्स प्रणाली।

  • दक्ष डायनामिक्स (रोबोडॉग): भूमिगत खदानों, सुरंगों और खतरनाक आपदा स्थलों पर मानवीय जान को जोखिम में डाले बिना बचाव कार्य करने वाला रोबोटिक कुत्ता। यह उत्पाद 'मेक इन इंडिया' और स्वदेशी तकनीक का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा और इसे दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।

'लिटिललिंगोस' ने जीता प्रथम पुरस्कार, 'फिटेड' और 'धृतम' उपविजेता

प्रतियोगिता के तकनीकी चरण में प्रत्येक प्रतिभागी टीम को अपनी परियोजना का विवरण और बिजनेस मॉडल प्रस्तुत करने के लिए 7 मिनट की समय-सीमा दी गई थी। सभी प्रस्तुतियों के विश्लेषण के बाद निर्णायक मंडल ने बच्चों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित भाषा शिक्षण मंच विकसित करने वाली टीम 'लिटिललिंगोस' (LittleLingos) को पहले स्थान के लिए चुना। टीम को 25,000 रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित परिधान व व्यक्तिगत स्टाइलिंग प्लेटफॉर्म तैयार करने वाली टीम 'फिटेड' (Fitted) तथा शारीरिक तनाव व हृदय गति की वास्तविक निगरानी करने वाला स्मार्ट परिधान (कवच एक्स) विकसित करने वाली टीम 'धृतम' (Dhritam) को संयुक्त रूप से उपविजेता घोषित किया गया। मेंटरशिप सत्र के दौरान कॉर्पोरेट जगत के विशेषज्ञ हर्षित देसाई, डॉ. मधुरिता गुप्ता और राधिका बजोरिया ने विद्यार्थियों को उत्पाद की पैकेजिंग, बाजार पहुंच, पेटेंट प्रक्रिया और प्रारंभिक पूंजी जुटाने के व्यावहारिक गुर सिखाए।

विचारों को जमीन पर उतारना ही वास्तविक उद्यमिता: कुलाधिपति

समापन अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने कहा कि आज का युवा केवल डिग्री लेकर रोजगार खोजने तक सीमित नहीं रह सकता। राज्य में वर्तमान नीतियां कौशल विकास और स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे अपनी बौद्धिक क्षमता के बल पर रोजगार प्रदाता बनने का मार्ग खुला है।

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विचार जब तक मस्तिष्क में रहते हैं, उनकी कोई व्यावसायिक कीमत नहीं होती। किसी भी इनोवेटिव सोच को सफल उद्यम बनाने के लिए जरूरी है कि उस पर काम किया जाए, बाजार की मांग को समझा जाए और अनुभवी मार्गदर्शकों से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए।

25 शहरों के 30 संस्थानों से गुजरेगा 'यूपी राइज' का अभियान

मथुरा में संपन्न हुआ यह आयोजन किसी एक जिले तक सीमित गतिविधि नहीं है। युवाओं में स्वरोजगार और नवाचार की संस्कृति को गति देने के लिए तैयार किया गया 'यूपी राइज' अभियान प्रदेश के 25 शहरों में स्थित 30 प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचेगा। मथुरा के जीएलए विश्वविद्यालय में सफल आयोजन के बाद इस राज्यव्यापी अभियान का अगला चरण 21 सितंबर 2026 को बरेली स्थित इनवर्टिस विश्वविद्यालय में आयोजित किया जाएगा।

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