यूपी के 71 कस्तूरबा विद्यालयों में शुरू होगा कौशल प्रशिक्षण, एआई और आईटी से संवरेगा 2672 छात्राओं का भविष्य
उत्तर प्रदेश के 71 कस्तूरबा विद्यालयों की 2672 छात्राओं को प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत एआई, हेल्थकेयर और आईटी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हुनरमंद बनाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को स्कूली शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए वृहद स्तर पर व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत राज्य के 71 आवासीय बालिका विद्यालयों की 2,672 छात्राओं को वर्तमान उद्योग की जरूरतों के अनुरूप दक्ष बनाने की विस्तृत योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी पहल का मुख्य मकसद छात्राओं को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर तकनीकी ज्ञान और कार्यकुशलता से जोड़ना है, जिससे वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत चिकित्सा सेवा, सूचना प्रौद्योगिकी, वस्त्र उद्योग, मनोरंजन एवं मीडिया के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल कार्यों से जुड़े आधुनिक क्षेत्रों में विशेष कक्षाएं संचालित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त तकनीकी दक्षता को नई धार देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई और व्यक्तित्व विकास से जुड़े पाठ्यक्रमों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है। तीन सौ घंटे की कुल अवधि वाले इस पाठ्यक्रम के जरिए छात्राओं में तार्किक सोच और संवाद कौशल भी विकसित किया जाएगा। कक्षाओं के आरंभ होने के तुरंत बाद सभी शिक्षार्थियों को अध्ययन सामग्री और पुस्तकें मुहैया कराई जाएंगी।
कौशल विकास विभाग के अनुसार, ग्रामीण अंचलों और कमजोर वर्गों से आने वाली इन बेटियों को समय की मांग के अनुरूप तैयार करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मिशन शक्ति के सहयोग से संचालित इस योजना से छात्राओं में स्वावलंबन और आत्मविश्वास का संचार होगा। मिशन प्रबंधन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि केंद्रों के अनुमोदन, बैच गठन और छात्राओं के प्रवेश की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न किया जाए और समूचे कार्यक्रम को पूरी गुणवत्ता के साथ लागू किया जाए।
इस योजना के दायरे में लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, गोरखपुर और झांसी सहित प्रदेश के कई जनपदों के विद्यालयों को जोड़ा गया है। राष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों के तहत संचालित होने वाले इन पाठ्यक्रमों की निगरानी के लिए जिला स्तरीय दलों को हर पखवाड़े औचक जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और प्रभावी बनाए रखने के लिए संबंधित कौशल परिषदों की निगरानी में परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त कर छात्राएं बेहतर आजीविका की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा सकें।
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