कानपुर के स्कूलों में गूंजा वंदे मातरम- एक लाख से अधिक छात्रों और शिक्षकों ने किया राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन
कानपुर के शिक्षण संस्थानों में एक लाख से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने एक साथ राष्ट्रगीत वंदे मातरम का गान किया। आगामी सेवा मेले का भी हुआ औपचारिक ऐलान।

कानपुर महानगर के विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में सुबह की प्रार्थना सभाओं के दौरान एक भव्य और अनुशासित दृश्य देखने को मिला। हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम के तहत महानगर के विभिन्न विद्यालयों में एक लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक साथ खड़े होकर सम्पूर्ण राष्ट्रगीत वंदे मातरम का सामूहिक गान किया। राष्ट्रभक्ति के सुरों से शिक्षण संस्थानों के परिसर गूंज उठे और समूचा वातावरण ऊर्जावान हो उठा।

सामूहिक राष्ट्रगीत गायन के साथ ही महानगर में आगामी हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले के आयोजन की औपचारिक घोषणा भी की गई। आयोजकों ने बताया कि बेनाझाबर स्थित बृजेंद्र स्वरूप पार्क में यह मेला आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक सरोकारों, पर्यावरण संरक्षण और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ना है।

संस्थान से जुड़े प्रतिनिधियों ने प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सेवा मेला प्राचीन संस्कृति और राष्ट्र सेवा के संकल्प को प्रत्यक्ष रूप से जीवन में उतारने का एक सशक्त माध्यम है। आयोजकों ने विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों से भी इस आयोजन से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान किया। उपस्थित शिक्षकों और छात्रों ने समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न केंद्रों पर भवानी तिवारी, नवेंदु शुक्ला, अरविंद दीक्षित, बृजमोहन और राष्ट्रीय संयोजक गुणवंत कोठारी का सानिध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रमुख वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि सामूहिक आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी में अनुशासन, मानवीय संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करना है, जिससे एक जागरूक और सक्षम समाज का निर्माण हो सके।
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