Lucknow : सीएम योगी आदित्यनाथ ने की घोषणा, नवरात्रि में प्रारंभ होगा मिशन शक्ति का अगला चरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस - 5 टी मॉडल बना यूपी: ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी व ट्रस्ट से किया ट्रांसफॉर्मेशनः मुख्यमंत्री
- जल्द लॉन्च होगी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, पहले चरण में स्नातक व परा-स्नातक के फाइनल ईयर की मेधावी बेटियों को मिलेगा लाभ
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में आए परिवर्तन के पांच मुख्य कारण हैं। सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के पांच टी (ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन) विजन को ध्यान में रखकर काम किया। जब ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी व ट्रस्ट मिलते हैं तो ट्रांसफॉर्मेशन होता है। हमने भारत की परंपरा और विरासत का सम्मान किया, इससे विकास अपना रास्ता तय कर लेता है। हम इसे टेक्नोलॉजी से जोड़कर और आसान करते हैं। ट्रांसपेरेंसी से ही आमजन में विश्वास की भावना पैदा होती है और यही विश्वास परिवर्तन का कारण बनता है। यूपी इसी 5-टी का मॉडल बना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया और पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 (रोजगार मेले) का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी व श्रम विभाग की लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए सभी लाभार्थी व सम्मानित होने वाली महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।
आधी आबादी को नजरंदाज कर समाज आत्मनिर्भर नहीं हो सकता
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री के वक्तव्य का जिक्र करते हुए कहा कि आधी आबादी को नजरंदाज करके कोई समाज आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। 2014 में जब मोदी जी प्रधानमंत्री बने तो बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया गया। इसके बाद मातृवंदना योजना से लेकर महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक कार्यक्रम लागू किए, जिससे देशभर की बेटियां स्वावलंबन के मार्ग पर बढ़ रही हैं। आने वाले समय में विधानसभा व संसद में भी 33 फीसदी सीटों पर बेटियां व बहनें चुनकर जाएंगी।
सुरक्षा पहली शर्त, यह हर व्यक्ति को मिलनी चाहिए
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति की थीम सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन का जिक्र करते हुए कहा कि सुरक्षा पहली शर्त है और यह हर व्यक्ति को मिलनी चाहिए। सुरक्षा आत्मविश्वास भरती है, आत्मविश्वास आत्मगौरव की अनुभूति कराता है, आत्मगौरव का यह भाव ही आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर करता है। आत्मनिर्भऱता विकसित भारत की संकल्पना का आधार बनने वाली है। हर प्रदेशवासी की जिम्मेदारी है कि बेटियों की सुरक्षा, नारी की गरिमा व स्वावलंबन के लिए सरकारी विभागों द्वारा उठाए गए कदमों का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने में योगदान दें। यह विकसित भारत की आधारशिला बनेगी। विकसित भारत का मतलब हर चेहरे पर खुशहाली, हर हाथ को रोजगार है। हर व्यक्ति आत्मविश्वास के साथ ‘मेरा भारत महान’ अभियान से जुड़कर भारत को शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित करने में योगदान दे पाएगा। यह तभी होगा, जब आधी आबादी मजबूती से जुड़ेगी। सीएम ने घोषणा की कि मिशन शक्ति का अगला चरण नवरात्रि में प्रारंभ होगा। 2047 में जब देश आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, तब हम सभी को विकसित भारत चाहिए, जहां हर व्यक्ति खुशहाल जीवनयापन कर सके।
बेटी किसी पर निर्भऱ नहीं होगी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की संपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि बेटी किसी पर निर्भर नहीं रहेगी। उसके जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये का पैकेज सरकार अलग-अलग श्रेणी में देगी। वर्तमान में यूपी में 27 लाख बेटियां इसका लाभ प्राप्त कर रही हैं। जब हमने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लागू की तो समाजवादी पार्टी ने बहुत विरोध किया और कहा कि 35000 रुपये देकर गरीबों का अपमान करना चाहते हैं, लेकिन शादी योग्य बेटी के लिए अभिभावक को पैसे की चिंता नहीं करनी है। सरकार शादी संपन्न कराने के लिए अब एक लाख रुपये खर्च कर रही है। अब तक चार लाख से अधिक बेटियों की शादी संपन्न कराने में सरकार ने योगदान दिया है। बेटी के लिए बहुत जल्द लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लॉन्च करने वाले हैं। इसके पहले चरण में स्नातक व परा-स्नातक के फाइनल ईयर की मेधावी बेटियों को लाभान्वित करेंगे। दूसरे चरण में धीरे-धीरे अन्य को भी इसका लाभ मिलेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को अब सम्मानजनक मानदेय, कैशलेस चिकित्सा-स्वास्थ्य सुविधा भी
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 के पहले वे रोज डंडा-झंडा लेकर लखनऊ में बैठी रहती थीं। पहले विभाग के स्तर पर शिथिलता थी, अब विभाग भी तेज गति से कार्य कर रहा है। स्मार्ट फोन से वे हर कार्य अपलोड करेंगी, उसे परफॉर्मेंस बेस्ड करते हुए अच्छा सम्मानजनक मानदेय भी प्राप्त करेंगी। सरकार इनका मानदेय भी अच्छा करने जा रही है। आज पांच लाख रुपये कैशलेस चिकित्सा-स्वास्थ्य सुविधा भी उन्हें प्रदान की गई। ऐसे ही आशा वर्कर, रसोइयों को भी यह सुविधा देंगे।
सरकार साथ में खड़ी होती है तो नारी स्वावलंबन का मॉडल बनती है
सीएम ने एक निराश्रित महिला का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज ने उसे निराश्रित बनाया, लेकिन जब सरकार साथ में खड़ी होती है तो नारी स्वावलंबन का मॉडल बनती है। सीएम ने पिंक रोजगार मेले में बेटियों के आत्मविश्वास की सराहना की। सीएम ने मेहनत करने पर जोर दिया और अभिभावकों से कहा कि बेटियों को खूब पढ़ाइए। बेटियों के मन में आत्मविश्वास है। यह आत्मविश्वास सभी के मन में आ जाए तो भारत को विकसित होने से कोई ताकत रोक नहीं सकती।
2017 के पहले कर्फ्यू-दंगा थी यूपी की पहचान
सीएम योगी ने कहा कि लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, महिला स्वयंसेवी समूह के माध्यम से स्वावलंबन, सैनिक स्कूलों में बेटियों की भर्ती को प्रोत्साहित करने समेत प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया बढ़ी है। उसी से प्रेरणा लेकर हमने मिशन शक्ति कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इससे पहले बेटी-व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। कर्फ्यू, दंगा, पलायन, दुर्व्यवस्था, अराजकता यूपी की पहचान बन गए थे। यूपी के कई जनपदों में अभिभावक बेटियों को स्कूल नहीं भेजते थे, यदि बेटी को पढ़ाना है तो यूपी के बाहर हॉस्टल या रिश्तेदार के यहां भेज देते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, दो बातों पर मुझे होता है गौरव
सीएम ने वाराणसी की ई-रिक्शा चालक बहन के स्वावलंबन का जिक्र किया। बताया कि हर महीने 15-20 हजार रुपये कमा रही हैं। पहले लोग हंसते थे, आज वह अपने कार्यों से सबको हंसा रही है। सीएम योगी ने कहा कि मुझे दो कार्यों पर गौरव की अनुभूति होती है। यूपी की हर बेटी खुद को सुरक्षित महसूस करती है। आज बेटियां स्कूल जा रही हैं। कोई डर-संकोच नहीं, सुरक्षा सरकार के जिम्मे है। शोहदों के इलाज के लिए यूपी पुलिस में 20 फीसदी बेटियों की भर्ती की गई। यूपी पुलिस में 1947 से 2017 तक कुल 10 हजार महिलाकर्मी थीं, 2017 से अब तक इनकी संख्या 44 हजार से अधिक हो गई। यह संख्या बताती है कि हम सही दिशा में हैं। सीएम ने दो-टूक कहा कि बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को इस धरती पर जगह नहीं मिलेगी।
चित्रकूट में बेटी की मार्मिक कहानी का जिक्र किया सीएम ने
सीएम ने कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बना तो देखा कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 60 फीसदी बेटियां नंगे पांव स्कूल जाती थीं। उन्होंने चित्रकूट में एक बिटिया के साथ मार्मिक संवाद का जिक्र कर बेटे-बेटी के भेदभाव को इंगित किया। उन्होंने कहा कि एक ही घर में बेटा पब्लिक स्कूल और बेटियां प्राइमरी स्कूल में पढ़ने जाती थीं। बेटे के पास जूते, चप्पल, कपड़े सब होते थे, लेकिन बेटी के पास नहीं होते थे। जब मैंने कारण पूछा तो बेटी ने कहा कि वह भाई है न। उसी दिन शाम को विभाग की बैठक ली और घोषणा की कि बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले हर बच्चे को राज्य सरकार की तरफ से यूनिफॉर्म, बैग, बुक, जूते-मोजे देंगे। आज लगभग 98-99 फीसदी बेटियां जूते-मोजे या चप्पल और सर्दियों में स्वेटर पहनकर आती हैं। गांव की बेटी, सबकी बेटी, यह हमारी मान्यता है। उसे सम्मान, जीने, आगे बढ़ने का अधिकार मिलना चाहिए। खुद को उपेक्षित महसूस करने वाली आधी आबादी के लिए कार्य करता देखकर हमें लगता है कि हमारा आना सार्थक हुआ।
स्वावलंबन का कारण बन रही हैं शासन की योजनाएं
सीएम योगी ने कहा कि शासन की योजनाएं स्वावलंबन का कारण बन रही हैं। मिशन शक्ति कार्यक्रम को महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन से जोड़कर आगे बढ़ाया। आज का समारोह उसका प्रतीक है। नारी सुरक्षित तो समाज सुरक्षित, नारी का सम्मान है तो समाज का सम्मान है, वह स्वावलंबन की ओर अग्रसर है तो सभी लोग स्वावलंबन के पथ पर अग्रसर हैं। बेटी सुरक्षा-सम्मान प्राप्त कर रही है तो दुनिया में यूपी का हर नागरिक सम्मान प्राप्त कर रहा है। 2017 के पहले महिला कार्यबल केवल 13 फीसदी था, आज अलग-अलग क्षेत्रों में 36-37 फीसदी महिलाएं कार्य कर रही हैं। पहले दिन में स्कूल जाने में भी बेटी डरती थी, लेकिन सुरक्षा के कारण बेटियां अब नाइट शिफ्ट में भी कार्य कर रही हैं।
युवा, महिला, अन्नदाता किसान और गरीब बजट के केंद्रबिंदु में
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी के बजट की थीम युवा, महिला, अन्नदाता किसान और गरीब थी। इस बजट में सभी के लिए स्कीमें लाई गईं। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्मयी विकास अभियान की संपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय बजट में शी-मार्ट की तर्ज पर यूपी में महिलाओं के लिए महिला उद्यमी विपणन स्कीम लाई गई है। महिला स्वयंसेवी समूह जो भी बनाएंगे, उसकी पहुंच बाजार तक आसानी से हो, इसके लिए गांव, न्याय पंचायत स्तर पर सेंटर स्थापित करेंगे। गारंटी व ब्याज मुक्त लोन, मेधावी बेटियों के लिए स्कूटी समेत अनेक कार्यक्रम आ रहे हैं। जो बेटियों को आत्मनिर्भरता के लक्ष्य प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे।
आवास, शौचालय व गैस न होने से सर्वाधिक पीड़ित होती थी महिलाएं
सीएम योगी ने कहा कि पिछले 11 वर्ष में महिलाओं के स्वावलंबन के लिए अनेक कार्य हुए। आवास, शौचालय, रसोई गैस न होने से सर्वाधिक पीड़ित महिला होती थी। अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए सिलेंडर है। होली-दीवाली पर उन्हें फ्री सिलेंडर मिल रहा है। 15 करोड़ लोगों को राशन तथा 5.60 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत की सुविधा का लाभ दिया जा चुका है। इस बार शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, रसोइयों, होमगार्डों, आशा वर्करों को भी इसमें जोड़ दिया गया है। बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा के 10 लाख से अधिक शिक्षकों को भी जोड़ा गया है। 70 वर्ष से ऊपर के हर वरिष्ठ नागरिक को यह सुविधा मिली है। 1.06 करोड़ से अधिक परिवारों को 12 हजार रुपये वार्षिक पेंशन का लाभ मिल रहा है। जल्द ही इसमें वृद्धि भी करेंगे। यूपी के अंदर पीएम-सीएम आवास योजना के तहत 62 लाख महिलाओं को आवास दिलाए जा चुके हैं।
ओडीओपी के बाद ओडीओसी भी महिलाओं को देगा अवसर
सीएम योगी ने एमएसएमई के तहत ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट) में कई जनपदों में महिलाओं के कार्यों का जिक्र किया। कहा कि लखनऊ में चिकनकारी से तमाम महिलाएं जुड़ी हैं। उनके पास कार्य की प्रचुरता है। ओडीओपी के बाद सरकार ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन) की तरफ अग्रसर हुई है। सीएम ने जौनपुर की महिला के विशिष्ट कार्यों का भी जिक्र किया और कहा कि ओडीओसी भी महिलाओं के लिए अवसर देगा। यूपी में लगभग 20 हजार स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं, इसमें आधे से अधिक महिलाओं द्वारा संचालित हैं।
न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना
सीएम ने कहा कि इस बार बजट में नई स्कीम लाई गई है। सभी 8000 न्याय पंचायतों में डिजिटल इंटरप्रेन्योर योजना लागू होगी। इससे चार हजार महिलाएं हर न्याय पंचायत में विभिन्न कार्यक्रमों से जुड़ेंगी और अन्य महिलाओं को भी जोड़ेंगी। सीएम ने बीसी सखियों तथा झांसी की बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर के अच्छे कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, बरेली में हजारों बहनें अच्छा लाभांश प्राप्त कर रही हैं। इस बार के बजट में लखनऊ व प्रयागराज में भी इस प्रकार के समूह स्थापित करने के कार्य चल रहे हैं।
सरकार की नीयत साफ होती है तो परिणाम भी आते हैं
सीएम ने कहा कि दंगाइयों को प्रश्रय देने वाली पिछली सरकार पीएसी को समाप्त कर रही थीं। हमने सभी 34 कंपनियों का पुनर्गठन किया, फिर तीन महिला बटालियनें गठित कीं। तीन नई महिला बटालियनों के गठन का कार्य भी कर रहे हैं। सरकार की नीयत साफ होती है तो परिणाम भी आते हैं।
यूपीएससी में भी बेटियों का दबदबा
सीएम ने यूपीएससी के रिजल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी की अनेक बेटियों ने इसमें सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया है। मानसी, अदिति, तनिशा आदि बेटियों ने स्थान प्राप्त किया है। टॉप टेन में तीन महिलाएं हैं। पूरी सूची में भी बेटियों का दबदबा है। प्रदेश में जैसे-जैसे महिला कार्यबल बढ़ रहा है, गांव से आने वाली बेटियों को शहर में काम मिल रहा है। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि विभिन्न जनपदों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल देंगे। हर हॉस्टल की क्षमता 500 की होगी। वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, झांसी व आगरा में ये निर्माणाधीन हैं। इस बार के बजट में अयोध्या, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, मीरजापुर में भी धनराशि की व्यवस्था की गई है।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, अनिल राजभर, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, उप्र महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, चारू चौधरी आदि उपस्थित रहीं।
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