Lucknow News: मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश

बैठक में बताया गया कि 51 जिलों ने सर्किल रेट पुनरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया है। एटा, शामली और कौशाम्बी में 09 जून तक सर्किल रेट जारी होने की संभावना है, जबकि 11 जिलों...

By INA News Desk
Jun 7, 2025 - 21:03
65 Views
Lucknow News: मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर दिए निर्देश

By INA News Lucknow.

लखनऊः प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की और राज्य में चल रहे विकास कार्यों को तेज करने तथा कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने जीरो पावर्टी अभियान के तहत चिन्हित परिवारों को लाभार्थीपरक योजनाओं से जोड़ने के कार्य को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने विभागीय समन्वय के माध्यम से इस कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को निराश्रित गोवंश सहभागिता योजना के तहत दुधारू गाय प्रदान की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि अंत्योदय कार्ड के लिए पात्र लाभार्थियों के चयन हेतु विभाग द्वारा 15 से 21 जून के बीच ग्राम पंचायतों में खुली बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन बैठकों में अपात्र कार्ड धारकों को सूची से हटाने की कार्यवाही भी की जाए। इन बैठकों का उपयोग अन्य सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के लिए भी किया जा सकता है। उन्होंने आगरा, बलरामपुर, बुलन्दशहर, गोरखपुर, झांसी, कन्नौज, कुशीनगर, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी के जिलाधिकारियों को सर्किल रेट पुनरीक्षण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। जिन जिलों में आपत्तियों का निस्तारण हो चुका है, वहां शीघ्र ही संशोधित सर्किल रेट लागू किए जाएं।

Also Click : Lucknow News: लंबित आवासीय, व्यावसायिक एवं औद्योगिक परियोजनाओं की समीक्षा हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक संपन्न

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भर्ती के संबंध में उन्होंने कहा कि कोर्ट केस व शिकायतें आदि से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित कर भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया जाए। उन्होंने प्रयागराज जनपद के जिलाधिकारी को भी भर्ती प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने बताया कि निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत लाभान्वित महिलाओं का सत्यापन कार्य चल रहा है। सत्यापन प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर कराया जाये, ताकि पहली त्रैमासिक किस्त को समय पर उनके खातों में हस्तांतरित किया जा सके। मुख्य सचिव ने जालौन जिले में नून नदी के पुनरोद्धार और गौ आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की सराहना की। उन्होंने अन्य जिलों के जिलाधिकारियों से इस मॉडल को अपनाने के लिए भी कहा।

उन्होंने प्रत्येक जिले में एक नदी या जलस्रोत का चयन कर उसे पुनरुद्धार व पुनर्जीवित करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी स्वयं को स्वच्छ रख सकती है। हमारा प्रयास होना चाहिये कि नदी को प्रदूषित न होने दिया जाये। अधिकारियों की टीम लगाकर नदियों में दूषित जल प्रवाहित होने वाले स्थानों को चिन्हित कर नदियों में सीवरेज और औद्योगिक कचरे को रोकने, केवल शोधित जल प्रवाहित करने और सीवेज लाइनों को एसटीपी से जोड़ने के लिए कार्य किया जाये। इंडस्ट्रीज को शोधित जल ही नदियों में प्रवाहित करने के लिए निर्देशित किया जाये। उन्होंने इन कार्यों का विधिवत दस्तावेजीकरण और जनसहभागिता के साथ कार्यान्वयन पर जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि 51 जिलों ने सर्किल रेट पुनरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया है। एटा, शामली और कौशाम्बी में 09 जून तक सर्किल रेट जारी होने की संभावना है, जबकि 11 जिलों में आपत्तियां प्रकाशित हो चुकी हैं और शेष 10 में कार्य प्रगति पर है।
 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के 21,547 रिक्त पदों में से 74 जिलों में चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, और 18,882 नवचयनित कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। केवल प्रयागराज में भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। आवेदन पत्र प्राप्त न होने, पात्र आवेदिका पात्र न होने, कोर्टकेस एवं शिकायतों के दृष्टिगत 2665 कार्यकत्रियों की भर्तियां अवशेष हैं।

जालौन के जिलाधिकारी ने बताया कि जन भागीदारी से नून नदी का पुनरोद्धार किया गया। अतिक्रमण हटाकर 47 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराया गया और 12 गांवों की भूमि को जलप्लावन से बचाया गया। नदी किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण भी किया गया। जालौन में शत-प्रतिशत गौवंश संरक्षण सुनिश्चित कर उनके पोषण की व्यवस्था की गई है। गौ आश्रय स्थलों की सीसीटीवी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। गौ-मय उत्पाद बनाने के लिए 150 महिला सहायता समूहों को गौ आश्रय स्थलों से जोड़ा गया है, और आय-व्यय व स्टॉक की निगरानी के लिए पोर्टल व मोबाइल ऐप विकसित किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव महिला कल्याण श्रीमती लीना जौहरी, आईजी रजिस्ट्रेशन समीर वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी आदि उपस्थित थे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Advertisement
Advertisement