लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में 'रंग दे बसंती फेस्ट': अपर्णा यादव ने सराहा छात्राओं का हुनर, गूंजे भजन
लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में 'रंग दे बसंती नवयुग फेस्ट' आयोजित। अपर्णा यादव ने किया शुभारंभ; दिव्यांग बच्चों के स्टॉल और भजन जैमिंग बने मुख्य आकर्षण।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति, लोकपरंपराओं और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के अभियान के तहत लखनऊ के राजेंद्र नगर स्थित नवयुग कन्या महाविद्यालय में 'रंग दे बसंती नवयुग फेस्ट' और 'भजन जैमिंग' का भव्य आयोजन किया गया। रंग दे बसंती संस्था एवं महाविद्यालय की अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में भारतीय विरासत, स्वदेशी उत्पादों, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण और युवा रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, विशिष्ट अतिथि संगीत नाटक अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह, अटारी ग्राम प्रधान संयोगिता सिंह चौहान तथा महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ किया। अतिथियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि आज की बेटियां अपनी प्रतिभा, अनुशासन और सामर्थ्य के बल पर जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रकार के सांस्कृतिक उत्सव छात्राओं को अपनी अंतर्निहित कला और नेतृत्व क्षमता प्रदर्शित करने का सर्वोत्तम मंच प्रदान करते हैं। विशिष्ट अतिथि विभा सिंह ने पारंपरिक मूल्यों और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने पर बल दिया और अपने मधुर भजन से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
फेस्ट में महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा लगाए गए हस्तशिल्प और खानपान के स्टॉलों ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। इनमें दिव्यांग बच्चों द्वारा संचालित 'आशा ज्योति' स्टॉल और आजमगढ़ के बुनकरों की पारंपरिक 'मुबारकपुर की साड़ियों' के स्टॉल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। रंग दे बसंती संस्था द्वारा आयोजित ओपन माइक सत्र में छात्राओं ने गायन, काव्य-पाठ और रचनात्मक अभिव्यक्ति में शानदार प्रतिभा दिखाई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता छात्राओं को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। वहीं, आरजे प्रतीक के 'भजन बिट्स ग्रुप' की प्रस्तुतियों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय और संस्था के समन्वयक विश्वदीप शुक्ल ने बताया कि इस फेस्ट का मुख्य ध्येय 'जेन-जी' (Gen-Z) युवाओं को अपनी जड़ों, सांस्कृतिक संस्कारों और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए 'स्वदेशी एवं इको-फ्रेंडली दीपावली' का संदेश देना है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक समिति की प्रो. सीमा सरकार, प्रो. सीमा पांडे, डॉ. स्नेहा चौधरी सहित विभिन्न महाविद्यालयों की प्राचार्याएं, प्रवक्तागण, समाजसेवी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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