पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम योगी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर हर मदद का दिया भरोसा
लखनऊ पुलिस लाइन में पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि। परिजनों से भेंट कर हरसंभव मदद और सम्मान का दिया भरोसा।
कर्तव्य पालन की राह में अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले अमर प्रहरियों की पावन स्मृति में राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस लाइन में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते एक वर्ष के दौरान कर्तव्य निर्वहन करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने बलिदानी जवानों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया और उनकी समस्याएं सुनकर हरसंभव प्रशासनिक व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का पक्का भरोसा दिलाया।
समारोह में उपस्थित शहीद प्रदीप कुमार की धर्मपत्नी मयूरी वर्मा ने साझा किया कि उनके पति जालौन में पदस्थ थे और सेवा कार्य के दौरान एक सड़क हादसे में उनका देहावसान हो गया था। उन्होंने बताया कि दुख की इस घड़ी में पुलिस विभाग का निरंतर संबल मिला है। उनकी पेंशन प्रारंभ हो चुकी है, निर्धारित आर्थिक सहायता प्राप्त हो गई है और अनुकंपा के आधार पर सेवायोजन की प्रक्रिया भी अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने परिजनों को आश्वस्त किया कि शासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा। इसी क्रम में आगजनी की आपदा में बलिदान देने वाले अग्निशमन कर्मी रोहित यादव की पत्नी निशा यादव ने भी मुख्यमंत्री द्वारा मिले सम्मान और संवेदनशीलता के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय स्तर पर कर्तव्य की वेदी पर शीश नवाने वाले पुलिसकर्मियों की गाथा का स्मरण करते हुए बताया गया कि एक वर्ष की अवधि में देशभर के 154 वीर जवानों ने अपने प्राण न्योछावर किए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश के छह जांबाज शामिल हैं।
इन अमर बलिदानी जवानों में कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अग्निशमन सेवा चालक तीर्थपाल सिंह और अग्निशामक रोहित यादव के अलावा जनपद जालौन में सेवारत रहे उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, आरक्षी अशोक कुमार और आरक्षी प्रदीप कुमार शामिल हैं। शासन और पुलिस महकमे ने दोहराया कि राज्य की शांति व सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन वीरों के त्याग को सदैव कृतज्ञता के साथ याद रखा जाएगा।
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