वाराणसी में 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो की तैयारियां पूरी, 12 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा का मोर्चा
वाराणसी में भारतीय वायु सेना का 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो। 15 से 20 लाख दर्शकों के आगमन का अनुमान, 79 अस्थायी थाने और कड़े सुरक्षा घेरे में होगा आयोजन।
भारतीय वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में धर्म और संस्कृति की पावन नगरी काशी के गगन में शौर्य और सामरिक पराक्रम का अनुपम प्रदर्शन होने जा रहा है। 'विंग्स ओवर गंगा' शीर्षक से आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय भव्य एयर शो को लेकर व्यापक प्रशासनिक और सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित कर लिए गए हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान लगभग 15 से 20 लाख नागरिकों और पर्यटकों के आगमन का अनुमान व्यक्त किया गया है। मुख्य और अंतिम दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित सेना व वायु सेना के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।
आकाश में जहां लड़ाकू विमान अपनी अद्भुत युद्धक क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे, वहीं जमीनी स्तर पर उत्तर प्रदेश पुलिस और सुरक्षा बल भीड़ प्रबंधन, सुगम आवागमन और सुरक्षा की बागडोर संभालेंगे। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि समूचे आयोजन स्थल की निगरानी और सुरक्षा के लिए 79 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं और लगभग 11,900 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एटीएस और बम निरोधक दस्तों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। आगंतुकों की सुविधा के लिए चार स्तरीय विशेष यातायात योजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत शहर और बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग मार्गों और विशाल पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है।
आपात चिकित्सा के लिए तीन ग्रीन कॉरिडोर और आठ अस्थायी अस्पताल
भीड़ के दबाव के बीच आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग ने तीन समर्पित ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनपी सिंह के अनुसार बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, सर सुंदरलाल अस्पताल, मंडलीय अस्पताल और पंडित दीनदयाल उपाध्याय चिकित्सालय जैसे प्रमुख संस्थानों को विशेष रूप से अलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा आयोजन स्थल के निकट आठ अस्थायी चिकित्सालय और 100 एंबुलेंस तैनात रहेंगी ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
घाटों पर दोहरी बैरिकेडिंग, एंटी-ड्रोन तकनीक और जल पुलिस का पहरा
गंगा के तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के दृष्टिगत सत्ती घाट से डुमरी और आदिकेशव से दशाश्वमेध घाट के विस्तृत हिस्से में दोहरी बैरिकेडिंग की गई है। पूरे इलाके में 25 वॉच टावर खड़े किए गए हैं और अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर सतत नजर रखी जा रही है। सुरक्षा कारणों से सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक निजी नौकाओं के संचालन पर रोक लगाई गई है। नदी में जल पुलिस, एनडीआरएफ और गोताखोरों के साथ दो वाटर एंबुलेंस निरंतर गश्त करेंगी। गंगा तटों के पांच किलोमीटर के दायरे को नो-ड्रोन जोन घोषित किया गया है और अनाधिकृत ड्रोन संचालन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
व्यवस्था को अधिक मानवीय और जनसुलभ बनाने के लिए तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष व्यवहार प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे दर्शकों और पर्यटकों से पूर्णतः शिष्टता और सम्मानपूर्वक व्यवहार करते हुए उनका मार्गदर्शन कर सकें। शहर के विभिन्न संपर्क मार्गों पर व्यापक स्तर पर सूचना पट्ट लगाए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले नागरिकों को घाटों तक पहुंचने और सुरक्षित प्रस्थान में किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
What's Your Reaction?



