यूपी में पुलिसकर्मियों के भत्तों में भारी बढ़ोतरी, स्मृति दिवस पर सीएम योगी ने किए तीन बड़े ऐलान
पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिसकर्मियों के भत्तों में वृद्धि की घोषणा की। मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्ते में बढ़ोतरी से जवानों को मिलेगा लाभ।
लखनऊ स्थित पुलिस शहीद स्मारक स्थल पर आयोजित स्मृति परेड के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्तव्य की बलिवेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले अमर बलिदानी जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस गरिमामय आयोजन के दौरान उन्होंने पुलिस बल के कल्याण और मनोबल को ऊंचा उठाने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण वित्तीय घोषणाएं कीं। इन फैसलों से मैदानी दायित्वों में मुस्तैद उपनिरीक्षकों, निरीक्षकों, प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) संवर्ग के अधिकारियों तथा आरक्षियों को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों को मिलने वाला मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। वहीं पीपीएस संवर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के वर्दी भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इसके अतिरिक्त जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र और संचार को सुगम बनाने के लिए फील्ड ड्यूटी में सेवारत आरक्षियों व मुख्य आरक्षियों का मासिक सिम भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये करने का ऐलान किया गया।
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सरकार की स्पष्ट नीति
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नागरिकों, व्यापारियों और बेटियों का भयमुक्त वातावरण में जीवन व्यतीत करना पुलिसकर्मियों के अनवरत परिश्रम, सतर्कता और समर्पण का प्रतिफल है। त्योहारों और उत्सवों के दौरान जब आम जनमानस उल्लास में मग्न रहता है, तब पुलिस बल के जवान सड़कों पर सजग रहकर शांति व्यवस्था बनाए रखते हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की लचर नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर दबाव बनाया जाता था। वर्ष 2012 से 2017 के मध्य प्रदेश ने 815 दंगों का दंश झेला, जिसने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2017 के पश्चात कानून प्रवर्तन एजेंसियों को पूरी स्वतंत्रता दी गई और समाज विरोधी तत्वों, माफियाओं व दंगाइयों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई की गई। माफिया तत्वों की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियों को कुर्क कर जनहित के कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे राज्य में निवेश और विकास का नया वातावरण निर्मित हुआ है।
पुलिस आधुनिकीकरण, भर्ती और आधारभूत ढांचे में सुधार
राज्य में पुलिस व्यवस्था को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप सक्षम बनाने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि प्रमुख महानगरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। पुलिस प्रशिक्षण क्षमता जो पहले मात्र छह हजार थी, उसे दस गुना बढ़ाकर साठ हजार तक पहुंचाया गया है। पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से 2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती संपन्न हुई है और महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में चार गुना से अधिक का इजाफा हुआ है।
महिला सशक्तीकरण की दिशा में वीरांगनाओं के नाम पर तीन नई महिला पीएसी बटालियनों का गठन किया गया है। इसके साथ ही साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रत्येक जनपद में साइबर थानों और थानों पर साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। राजधानी में अत्याधुनिक फॉरेंसिक संस्थान का निर्माण कर तकनीकी जांच क्षमता को सुदृढ़ किया गया है।
बलिदानी जवानों के परिजनों के प्रति कृतज्ञता
मुख्यमंत्री ने लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में सर्वोच्च बलिदान देने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि बलिदानी जवानों का त्याग राष्ट्र की अंतरात्मा में सदैव जीवित रहेगा। बीते एक वर्ष में देशभर के 154 पुलिसकर्मियों ने कर्तव्यपालन के दौरान प्राणोत्सर्ग किया, जिनमें उत्तर प्रदेश के छह जांबाज सम्मिलित हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार बलिदानियों के परिजनों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है और पुलिस सैलरी पैकेज के अंतर्गत आश्रितों को अब तक 425 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और उनके परिजनों के लिए पांच लाख कैशलेस स्वास्थ्य कार्ड भी जारी किए गए हैं। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, पुलिस महानिदेशक पीएसी आलोक सिंह, वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी तथा शहीद परिवारों के परिजन उपस्थित रहे।
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