सहारनपुर में पुलिस का अनूठा और मानवीय रूप: डीआईजी और एसएसपी ने बालगृह पहुंचकर बच्चों को दिए उपहार, मुख्य बाजार में की पैदल गश्त
सहारनपुर में डीआईजी अभिषेक सिंह और एसएसपी अभिनंदन ने मिशन शक्ति अभियान के तहत बालगृह का दौरा किया। बच्चों को उपहार बांटे और सुरक्षा का भरोसा दिया।
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस केवल कानून व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता और मानवीय दायित्वों को भी पूरी निष्ठा से निभा रही है। इसका ताजा उदाहरण सहारनपुर में देखने को मिला, जहां मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों ने अनूठी पहल की। डीआईजी सहारनपुर परिक्षेत्र अभिषेक सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अभिनंदन के साथ चकरहेटा स्थित बालगृह का दौरा किया और वहां रह रहे बच्चों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया।
अधिकारियों के इस अचानक दौरे से बच्चों के चेहरे खिल उठे। डीआईजी और एसएसपी ने बच्चों का हालचाल जाना, उनकी जरूरतों को समझा और त्योहारों के इस मौसम में उन्हें स्नेह स्वरूप उपहार भेंट किए। पुलिस के इस आत्मीय और संवेदनशील व्यवहार ने बच्चों के जीवन में खुशी की नई रोशनी बिखेर दी, जो यह साबित करता है कि खाकी वर्दी के पीछे एक कोमल और मददगार दिल भी धड़कता है।
बालगृह में बच्चों से मिलने के बाद डीआईजी और एसएसपी ने शहर के मुख्य बाजार में भारी पुलिस बल के साथ पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) की। इस दौरान उन्होंने बाजार में मौजूद महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद किया तथा उनकी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
इस दौरान डीआईजी ने जानकारी दी कि जिले के सभी थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां महिलाएं किसी भी तरह की उत्पीड़न या अपराध से जुड़ी शिकायतें बेझिझक दर्ज करा सकती हैं। पुलिस प्रशासन का मुख्य लक्ष्य महिलाओं और बालिकाओं को एक सुरक्षित, भयमुक्त और अनुकूल वातावरण प्रदान करना है, ताकि समाज में सुरक्षा और विश्वास का मजबूत माहौल कायम हो सके।
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