मिशन शक्ति: लखनऊ में केजीबीवी की 4 छात्राएं बनीं मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की एक दिन की निदेशक

मिशन शक्ति के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय काकोरी की चार छात्राओं ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण में एक दिन की निदेशक का सांकेतिक पदभार संभाला।

By INA News Desk
Oct 14, 2026 - 22:18
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मिशन शक्ति: लखनऊ में केजीबीवी की 4 छात्राएं बनीं मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की एक दिन की निदेशक

लखनऊ। राज्य में बालिकाओं को आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और नेतृत्व के व्यावहारिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान का एक अनूठा और प्रेरणादायी रूप देखने को मिला। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), काकोरी, लखनऊ की चार छात्राओं मुस्कान, सरिता, साक्षी और राधिका ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर एक दिन की सांकेतिक निदेशक के रूप में विभागीय कामकाज की जिम्मेदारी संभाली।

इस विशेष पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशासनिक व्यवस्थाओं को गहराई से समझने, विभागीय नीतियों की समीक्षा करने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपने सुझाव प्रस्तुत करने का सीधा अवसर मिला। प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने स्वयं चारों छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण तथा सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना।

रसोई की स्वच्छता और पौष्टिक आहार पर छात्राओं का जोर

सांकेतिक पदभार ग्रहण करने के बाद चारों छात्राओं ने बारी-बारी से निदेशक की कुर्सी संभाली और प्रदेश के सरकारी तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में भोजन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर चर्चा की। छात्राओं ने निर्देश दिए कि विद्यालयों के किचन शेड में स्वच्छता के कड़े मानकों का पालन कराया जाए, बच्चों को हमेशा ताजा व संतुलित भोजन मिले और रसोइयों को नियमित रूप से स्वच्छता व पोषण प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि भोजन विद्यार्थियों की उपस्थिति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में तैयार होना चाहिए और तय मेन्यू में आवश्यक पोषक तत्वों का पूरा ध्यान रखा जाए। जरूरत पड़ने पर अस्वस्थ बच्चों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी विशेष बल दिया गया।

छात्राओं के प्रशासनिक विजन की हुई सराहना

मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व कौशल और सामाजिक प्राथमिकताओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के व्यावहारिक अनुभव बालिकाओं में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं और उन्हें भविष्य में प्रशासनिक व जनसेवा के क्षेत्रों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

छात्राओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्होंने घोषणा की कि प्रदेशभर के विद्यालयों के किचन शेड में साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इससे राज्य के लाखों नौनिहालों को पूरी तरह सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन मिलने की व्यवस्था और मजबूत होगी।

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