सहारनपुर: शिक्षक और स्नातक चुनाव को लेकर एमसीएमसी गठित, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र चौहान और वीरेंद्र आजम बने सदस्य

सहारनपुर में मेरठ खण्ड स्नातक व शिक्षक चुनाव के लिए पेड न्यूज मॉनिटरिंग कमेटी गठित। वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र चौहान व वीरेंद्र आजम को बनाया गया सदस्य।

By INA News Desk
Oct 2, 2026 - 21:59
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सहारनपुर: शिक्षक और स्नातक चुनाव को लेकर एमसीएमसी गठित, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र चौहान और वीरेंद्र आजम बने सदस्य

मेरठ खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सहारनपुर जिला प्रशासन ने चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देना प्रारंभ कर दिया है। निर्वाचन आयोग के सख्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में भ्रामक प्रचार और पेड न्यूज पर पैनी नजर रखने के लिए जिले में मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनीटरिंग कमेटी (एमसीएमसी) यानी पेड न्यूज मॉनिटरिंग कमेटी का विधिवत गठन कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के आदेश पर गठित इस विशेष समिति में निष्पक्ष निगरानी और मीडिया मूल्यांकन के लिए वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डॉक्टर वीरेंद्र आजम तथा वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र चौहान को बतौर सदस्य मनोनीत किया गया है।

प्रशासन द्वारा गठित इस उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष स्वयं जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान हैं। समिति में नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह, जनपद सहारनपुर के समस्त उपजिलाधिकारी और जिला सूचना अधिकारी दिलीप कुमार गुप्ता को प्रशासनिक सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, जबकि मीडिया जगत से अनुभवी पत्रकारों के रूप में डॉक्टर वीरेंद्र आजम और सुरेंद्र चौहान को जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों वरिष्ठ पत्रकारों को चुनाव निगरानी का लंबा अनुभव है और वे इससे पूर्व भी लोकसभा, विधानसभा तथा स्थानीय निकाय चुनावों में इस महत्वपूर्ण समिति के सक्रिय सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

गठित की गई यह कमेटी चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाले सभी प्रकार के समाचारों, राजनैतिक दलों के अधिकृत उम्मीदवारों तथा उनके समर्थकों द्वारा जारी विज्ञापनों की चौबीसों घंटे निगरानी करेगी। समिति का प्राथमिक दायित्व यह जांचना होगा कि कहीं निर्वाचन आयोग द्वारा लागू आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है अथवा समाचार के रूप में विज्ञापनों का अप्रत्यक्ष प्रसारण तो नहीं किया जा रहा है। संदिग्ध खबरों और विज्ञापनों का पूरा लेखा-जोखा तैयार कर नियमानुसार संबंधित प्रत्याशियों के चुनावी खर्च में जोड़ने की विधिक प्रक्रिया भी इसी समिति के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी।

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