'पैपराजी को बैकसाइड फोटो के पैसे देती हैं कुछ अभिनेत्रियां', सलमान खान का बॉलीवुड के पीआर कल्चर पर सनसनीखेज बयान
सलमान खान ने बॉलीवुड के पैपराजी कल्चर और पीआर तंत्र पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ अभिनेत्रियां बैकसाइड फोटो खींचने के लिए पैपराजी को पैसे देती हैं।
मुंबई: बॉलीवुड के 'दबंग' अभिनेता सलमान खान अपने बेबाक अंदाज और बिना लाग-लपेट के अपनी राय रखने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री, सेलिब्रिटी पीआर (Public Relations) और मुंबई में तेजी से बढ़ रहे पैपराजी कल्चर को लेकर सलमान खान ने एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने मनोरंजन जगत में नई हलचल पैदा कर दी है। एक बातचीत के दौरान सलमान खान ने ग्लैमर इंडस्ट्री के उस परदे के पीछे के सच पर बात की, जिसे अक्सर कैमरे के सामने छिपाने की कोशिश की जाती है। सलमान ने दावा किया कि आज के दौर में कुछ अभिनेत्रियां खुद अपनी खास तस्वीरें, विशेषकर 'बैकसाइड' (पीछे के एंगल से) तस्वीरें खींचने और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करवाने के लिए फोटोग्राफरों व पैपराजी को बाकायदा पैसे देती हैं।
सलमान खान ने इस पूरे ट्रेंड पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि हर किसी का काम करने का अपना तरीका होता है, इसलिए "जिसको चाहिए वो करो, जिसको नहीं चाहिए वो न करे।" सलमान के इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर सिनेमा प्रेमियों और डिजिटल यूजर्स के बीच बहस छिड़ गई है कि क्या वाकई बॉलीवुड में दिखने वाली हर 'कैंडिड' या अचानक ली गई तस्वीर महज एक पेड पीआर स्टंट होती है।
सलमान खान ने बातचीत में क्या कहा?
मनोरंजन उद्योग के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए सलमान खान ने इस बात पर जोर दिया कि पहले के दौर में फोटोग्राफी और स्टारडम का रिश्ता पूरी तरह स्वाभाविक और सम्मानजनक हुआ करता था। लेकिन आज सोशल मीडिया व्यूज, लाइक्स और ट्रेंडिंग रील्स के इस दौर में चीजों को जानबूझकर गढ़ा जाता है।
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बैक एंगल तस्वीरों की इनसाइड स्टोरी: सलमान ने कहा कि जब कभी कोई अभिनेत्री जिम, डबिंग स्टूडियो या एयरपोर्ट से बाहर निकलती है, तो कैमरे के एंगल्स को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं। कई बार ऐसा दिखाया जाता है मानो फोटोग्राफर बिना बताए ऐसी तस्वीरें खींच रहे हैं, जबकि असलियत यह है कि इनमें से कई मौकों पर यह सब पहले से तय होता है।
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भुगतान का दावा: अभिनेता ने तंजिया लहजे में कहा कि कुछ अभिनेत्रियां खुद अपनी बैकसाइड तस्वीरें खिंचवाने के लिए पैपराजी को पैसे देती हैं ताकि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो सकें और उन्हें ज्यादा से ज्यादा डिजिटल अटेंशन मिल सके।
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स्वतंत्र पसंद की बात: हालांकि, सलमान ने किसी का नाम लेने से परहेज किया और कहा कि यह हर व्यक्ति की अपनी पसंद है। जिन्हें इस तरह की पब्लिसिटी से फायदा दिखता है, वे इसे करते हैं, लेकिन इसे छुपाकर किसी और पर दोष मढ़ना सही नहीं है।
जिम और एयरपोर्ट लुक्स का बढ़ता कमर्शियल नेटवर्क
पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड में पैपराजी का दायरा केवल फिल्म प्रीमियर और अवॉर्ड नाइट्स तक सीमित नहीं रहा है। अब बांद्रा, जुहू और अंधेरी के जिम, योग स्टूडियो, सैलून और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल पर फोटोग्राफरों की 24 घंटे मौजूदगी आम बात हो गई है।
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पीआर टीमों का अलर्ट सिस्टम: इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश मौकों पर अभिनेताओं या अभिनेत्रियों की पीआर टीमें खुद पैपराजी ग्रुप्स को संदेश भेजकर समय और स्थान की जानकारी देती हैं कि सेलिब्रिटी कब बाहर आने वाले हैं।
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ब्रांड प्रमोशन और रील्स: कई बार पहनावे, जिम वियर और लग्जरी बैग्स का प्रचार करने के लिए कैमरे के सामने खास एंगल्स से पोज़ दिया जाता है, जिसे सोशल मीडिया पेज 'स्पॉटेड' (Spotted) के कैप्शन के साथ पोस्ट करते हैं।
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व्यूअरशिप का खेल: सोशल मीडिया पर ऐसी तस्वीरों और वीडियो को लाखों व्यूज मिलते हैं, जिससे दोनों पक्षों यानी पैपराजी पेजों और संबंधित सेलिब्रिटी की ऑनलाइन इंगेजमेंट में भारी इजाफा होता है।
अभिनेत्रियों के पहले आए बयानों से उलट है सलमान का नजरिया
सलमान खान का यह बयान इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है क्योंकि हाल के दिनों में कई प्रमुख अभिनेत्रियों ने पैपराजी द्वारा अनुचित एंगल्स (Uncomfortable Angles) और बैकसाइड से वीडियो रिकॉर्ड किए जाने पर कड़ी सार्वजनिक नाराजगी जताई थी।
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निजता पर सवाल: मृणाल ठाकुर, जान्हवी कपूर, नोरा फतेही और तापसी पन्नू जैसी कई कलाकारों ने पूर्व में यह मुद्दा उठाया था कि जब वे कार में बैठ रही होती हैं या सीढ़ियां चढ़ रही होती हैं, तो फोटोग्राफर्स आपत्तिजनक तरीके से जूम करके वीडियो बनाते हैं, जो उनकी गरिमा और निजता का उल्लंघन है।
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सलमान का रुख: सलमान खान ने इस सिक्के का दूसरा पहलू दिखाते हुए साफ किया कि जहां कुछ लोगों को वास्तव में इससे परेशानी हो सकती है, वहीं इंडस्ट्री का एक हिस्सा ऐसा भी है जो जानबूझकर इस ट्रेंड को बढ़ावा देता है और इसके जरिए खुद को चर्चा में बनाए रखने के लिए निवेश करता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी तीखी बहस
सलमान खान की यह टिप्पणी वायरल होते ही एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर यूजर्स के रिएक्शन की बाढ़ आ गई है:
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सच्चाई स्वीकारने वाला वर्ग: बड़ी संख्या में यूजर्स ने सलमान खान की तारीफ करते हुए लिखा कि उन्होंने इंडस्ट्री के उस पाखंड (Hypocrisy) को बेनकाब किया है, जिसे सब जानते थे लेकिन कोई स्वीकार नहीं करता था। लोगों का कहना है कि हर स्पॉटिंग ऑर्गैनिक नहीं होती, बल्कि इसके पीछे एक मजबूत पेड इकोसिस्टम काम करता है।
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संवेदनशीलता का सवाल: वहीं, कुछ आलोचकों का तर्क है कि सलमान के इस सामान्यीकरण से उन महिलाओं और नई अभिनेत्रियों की वास्तविक परेशानी नजरअंदाज हो सकती है, जो सचमुच पैपराजी के अति-आक्रामक कैमरों और असहज करने वाले एंगल्स से परेशान रहती हैं।
सलमान खान के इस बेबाक बयान ने निश्चित रूप से ग्लैमर वर्ल्ड के पीआर मेकैनिज्म और सोशल मीडिया स्टारडम के पीछे छिपे गणित को एक बार फिर सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है।
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