आषाढ़ में समृद्धि, कपि, ऊर्जा और समरस वन स्थापित करेगा वन विभाग, 18 जुलाई को हर विकास खंड में स्थापित होगा समृद्धि वन

23 जुलाई को प्रत्येक विकास खंड में ऊर्जा वन की स्थापना होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार वनों के निकटवर्ती ग्रामीणों द्वारा औसतन प्रतिवर्ष 226 किलो जलौनी लकड़ी का उपयोग किया जाता है।

By INA News Desk
Jul 16, 2026 - 23:36
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आषाढ़ में समृद्धि, कपि, ऊर्जा और समरस वन स्थापित करेगा वन विभाग, 18 जुलाई को हर विकास खंड में स्थापित होगा समृद्धि वन
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  • गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) से पहले प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे कई विशिष्ट वन 
  • नगर निगमों, पालिकाओं व पंचायतों में 21 जुलाई को होगी कपि वन की स्थापना
  • 23 जुलाई को ऊर्जा वन व 27 जुलाई को प्रत्येक वन प्रभाग में स्थापित होगा समरस वन
  • हर वन की होगी उद्देश्यपूर्ण स्थापना, किसानों, मानव-वानर द्वंद्व, सामाजिक न्याय को ध्यान में रखकर होगा पौधरोपण

लखनऊ : पौधरोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत वन विभाग कई विशिष्ट वन स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में आषाढ़ मास यानी गुरुपूर्णिमा (29 जुलाई) से पहले कई विशिष्ट वन स्थापित करेगा। 18 जुलाई से 27 जुलाई के मध्य पूरे प्रदेश में कई विशिष्ट वन स्थापित किए जाएंगे। 18 जुलाई को समृद्धि वन, 21 जुलाई को कपि वन, 23 जुलाई को ऊर्जा वन और 27 जुलाई को समरस वन स्थापित कर ‘एक पेड़ मां के नाम’ लगाए जाएंगे। 

18 जुलाई को हर विकास खंड में स्थापित होगा समृद्धि वन
18 जुलाई को समृद्धि वन स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक विकास खंड में इसकी स्थापना होगी। समृद्धि वन लगाने का उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि वानिकी- कार्बन क्रेडिट का अतिरिक्त लाभ दिलाना है। साथ ही अतिरिक्त आय के दृष्टिगत किसानों को समुचित प्रोत्साहन देना है। प्रत्येक जनपद में कृषि भूमि पर न्यूतनम एक स्थल इसके लिए चिह्नित किया गया है। इस वन की स्थापना में कृषि विभाग की भी सक्रिय सहभागिता रहेगी। यह वन न्यूनतम एक हेक्टेयर में बसाया जाएगा। 

नगर निगमों, पालिकाओं व पंचायतों में 21 जुलाई को कपि वन की होगी स्थापना
प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों, पालिकाओं व पंचायतों के अंतर्गत 21 जुलाई को महत्वपूर्ण स्थल पर कपि वन स्थापित होगा। इस वन का उद्देश्य विभिन्न शहरों में मानव-वानर द्वंद्व के न्यूनीकरण के दृष्टिगत शहर की आबादी के बाहर फलदार प्रजातियों का रोपण करना है। कपि वन भी न्यूनतम एक हेक्टेयर में स्थापित होगा। इसमें बड़हल, आम, जामुन, अमरूद, बेल, गुलर, कटहल, बेर, शहतूत, पीपल, अंजीर प्रजाति के पौधे लगेंगे।

ग्राम्य विकास व पंचायती राज विभाग के सहयोग से 23 जुलाई को स्थापित होगा ऊर्जा वन 
23 जुलाई को प्रत्येक विकास खंड में ऊर्जा वन की स्थापना होगी। एक रिपोर्ट के अनुसार वनों के निकटवर्ती ग्रामीणों द्वारा औसतन प्रतिवर्ष 226 किलो जलौनी लकड़ी का उपयोग किया जाता है। इस वन के तहत वैश्विक ऊर्जा संकट के दृष्टिगत जलौनी लकड़ी की अनवरत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तीव्र गति से बढ़ने वाली प्रजाति का रोपण होगा। इसके तहत सिरस, बबूल, सुबबूल, गुटेल, पापुलर व कदंब आदि पौधों का रोपण होगा। वन विभाग इसे स्थापित करने में ग्राम्य विकास व पंचायती राज विभाग का भी सहयोग लेगा।  

27 जुलाई को वन विभाग स्थापित करेगा समरस वन
27 जुलाई को समस्त वन प्रभागों की देखरेख में समरस वन की स्थापना होगी। विविधता में एकता के भाव के साथ इस वन को स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट कर एक स्थल पर पौधरोपण कार्यक्रम किया जाएगा। जनपद/तहसील मुख्यालय व विकास खंड में पौधरोपण व संगोष्ठी भी होगी। इसमें समाज कल्याण विभाग की भी सक्रिय सहभागिता रहेगी।

वन विभाग विशिष्ट वन स्थापित कर रहा है। इसके तहत आषाढ़ में चार विशिष्ट वन स्थापित होंगे। इसके लिए ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, पंचायती राज आदि विभागों का भी सहयोग लिया जाएगा। इन वनों की स्थापना का उद्देश्य आमजन से जुड़ा है। आमजन द्वारा आमजन के सहयोग से इसे स्थापित किया जाएगा। वन विभाग इन विशिष्ट वनों की स्थापना के लिए सारी तैयारी कर चुका है।

                              - अदिति शर्मा, मुख्य वन संरक्षक (प्रचार/प्रसार)

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