अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास योजना बनी वरदान, आर्थिक चुनौती का मिला समाधान 

इस समिति में निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य हैं, जो प्रत्येक प्रस्ताव का तकनीकी और वित्तीय परीक्षण कर आवश्यक स्वीकृति प्रदान करते हैं।

Jul 16, 2026 - 23:34
 0  5
अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास योजना बनी वरदान, आर्थिक चुनौती का मिला समाधान 

  • योगी सरकार में ओबीसी छात्रों को मिला शिक्षा का मजबूत सहारा
  • ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए प्रदेश में 102 छात्रावास, इनमें छात्राओं के लिए 43 हैं संचालित 
  • योगी सरकार की छात्रावास अनुरक्षण योजना से पुराने भवनों का हो रहा कायाकल्प

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित छात्रावास निर्माण योजना प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 2013 छात्र-छात्राओं ने इन छात्रावासों में रहकर अपनी शिक्षा प्राप्त की। यह व्यवस्था उन हजारों परिवारों के लिए राहत का माध्यम बनी है जिनके लिए बच्चों को बाहर रहकर पढ़ाना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है।

कुल 102 में से छात्राओं के लिए 43 छात्रावास 

प्रदेश में वर्तमान समय में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए 102 छात्रावास संचालित हैं। इनमें 59 छात्रावास छात्रों तथा 43 छात्राओं के लिए हैं। इन छात्रावासों में लगभग 5400 छात्रों के रहने की क्षमता उपलब्ध है। छात्रावास निर्माण योजना का मुख्य उद्देश्य अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी शिक्षा में बाधा न बने। इस योजना के तहत छात्रावासों का निर्माण राजकीय शिक्षण संस्थानों के परिसरों में कराया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अनुशासित एवं सुरक्षित वातावरण भी प्राप्त हो सके।

वर्षों पुराने छात्रावासों में कराया जा रहा मरम्मत का कार्य

योगी सरकार ने छात्रावासों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता और सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी है। छात्रों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 से छात्रावास अनुरक्षण योजना प्रारंभ की। इस निर्णय से वर्षों पुराने छात्रावासों के रखरखाव और मरम्मत का कार्य व्यवस्थित रूप से शुरू हुआ। अनुरक्षण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उत्तर प्रदेश शासन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। 

8 छात्रावासों में मरम्मत का कार्य पूरा

इस समिति में निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सदस्य हैं, जो प्रत्येक प्रस्ताव का तकनीकी और वित्तीय परीक्षण कर आवश्यक स्वीकृति प्रदान करते हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुरक्षण के लिए 10 छात्रावासों का चयन किया गया था। इनमें से 8 छात्रावासों का मरम्मत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाकी छात्रावासों में मरम्मत कार्य प्रगति पर है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित छात्रावासों का सर्वेक्षण कर 8 छात्रवासों को प्राथमिकता के आधार पर अनुरक्षण एवं मरम्मत के लिए चिन्हित किया गया है। 

निर्धन छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बनी योजना

इस तरह आवासीय सुविधाओं के माध्यम से हजारों छात्र-छात्राएं अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बन रहे हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बन रही है। इसका उद्देश्य निर्धन छात्र-छात्राओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी शिक्षा में बाधा न बने। इसी सोच के अनुरूप छात्रावासों का निर्माण राजकीय शिक्षण संस्थानों के परिसरों में कराया जाता है, जिससे छात्र-छात्राओं को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध हो सके।

Also Click : यूपी में ओडीओपी सामान्य सुविधा केंद्रों की समीक्षा, मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने दिए कारीगरों और छोटे उद्यमियों को जोड़ने के निर्देश

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow