Lucknow : 22 स्टॉलों में दिखी नवाचार, विज्ञान और नेतृत्व की झलक

कार्यक्रम में लगाए गए स्टॉलों को चार प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया था। पहले और दूसरे जोन में शिक्षक टीएलएम एवं कठपुतली अनुभाग के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा तैयार की गई शिक्षण सामग्री

By INA News Desk
Mar 8, 2026 - 22:34
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Lucknow : 22 स्टॉलों में दिखी नवाचार, विज्ञान और नेतृत्व की झलक
Lucknow : 22 स्टॉलों में दिखी नवाचार, विज्ञान और नेतृत्व की झलक

  • ‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ विषय पर राज्य स्तरीय बाल उत्सव
  • राज्य स्तरीय बाल उत्सव में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की रही सक्रिय भागीदारी

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ में रविवार को शिक्षा, नवाचार और नेतृत्व विकास का अनोखा संगम देखने को मिला। दयाल गेटवे स्थित कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए 22 विशेष स्टॉल बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने, जहां जेंडर समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम और करियर मार्गदर्शन से जुड़ी गतिविधियों की जीवंत प्रस्तुति हुई। गतिविधि आधारित शिक्षण, संवाद और रचनात्मक प्रयोगों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा, जिज्ञासा और नेतृत्व क्षमता को नया मंच मिला।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय बाल उत्सव ‘प्रगति – आत्मसम्मान से समानता तक एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के दौरान विभिन्न विषयों पर आधारित 22 विशेष स्टॉल लगाए गए, जो पूरे आयोजन के प्रमुख आकर्षण बने। इन स्टॉलों के माध्यम से शिक्षा में नवाचार, जेंडर समानता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक-भावनात्मक अधिगम, अभिभावक सहभागिता और करियर मार्गदर्शन से जुड़े विविध आयामों को रोचक और गतिविधि आधारित रूप में प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम में लगाए गए स्टॉलों को चार प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया था। पहले और दूसरे जोन में शिक्षक टीएलएम एवं कठपुतली अनुभाग के अंतर्गत शिक्षकों द्वारा तैयार की गई शिक्षण सामग्री और कठपुतली प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से जेंडर समानता, महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकार और जीवन कौशल जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कन्नौज, शामली, सीतापुर, अयोध्या, रायबरेली, बाराबंकी, लखीमपुर, लखनऊ, मेरठ और अमेठी जैसे जनपदों के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए मॉडल और गतिविधियों ने बच्चों को ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) की अवधारणा से जोड़ा।

इन स्टॉलों में विज्ञान नवाचार, प्रारंभिक साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल विकास, जेंडर-संवेदी शिक्षण सामग्री तथा कॉमिक बुक निर्माण जैसी गतिविधियां भी प्रदर्शित की गईं। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी प्रस्तुत किया गया, जिनमें बालिकाओं के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी पहलें शामिल रहीं।

तीसरे जोन में बच्चों के लिए सामाजिक-भावनात्मक अधिगम और नेतृत्व विकास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। यहां वैज्ञानिक दृष्टिकोण संवाद मंच, दृश्य अधिगम गतिविधियां, रचनात्मक अभिव्यक्ति मंच, ओरिगामी कला केंद्र और नवाचार आधारित गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में तार्किक सोच, आत्म-अभिव्यक्ति, सहानुभूति और रचनात्मकता विकसित करने का प्रयास किया गया।

चौथे जोन में अभिभावक सहभागिता एवं करियर परामर्श अनुभाग के अंतर्गत करियर परामर्श केंद्र, अभिभावक संवाद मंच, नेतृत्व क्षमता विकास गतिविधियां, बाल अधिकार जागरूकता मंच और बाल संसद जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन स्टॉलों के माध्यम से बच्चों को उनके अधिकारों, भविष्य के करियर विकल्पों और नेतृत्व कौशल के बारे में जानकारी दी गई, वहीं अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा और व्यक्तित्व विकास में अपनी भूमिका को समझने का अवसर मिला।

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