Sambhal: 35 बीघा ज़मीन पर फिर छिड़ा संग्राम! एक पक्ष ने दिखाया हाईकोर्ट का स्टे, दूसरे ने बताया कागज़ फर्जी

सम्भल शहर की सरायतरीन स्थित बजारगंज सब्जी मंडी में विवादित भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। दोनों

Jul 16, 2026 - 15:59
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Sambhal: 35 बीघा ज़मीन पर फिर छिड़ा संग्राम! एक पक्ष ने दिखाया हाईकोर्ट का स्टे, दूसरे ने बताया कागज़ फर्जी

उवैस दानिश, सम्भल

सम्भल शहर की सरायतरीन स्थित बजारगंज सब्जी मंडी में विवादित भूमि को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। दोनों पक्ष नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे, जहां अपने-अपने दस्तावेज पेश करते हुए एक-दूसरे के दावों को गलत बताया।

एक पक्ष के सईद उद्दीन ने दावा किया कि उनके पिता ने वर्ष 1977 में नीलामी के माध्यम से संपत्ति खरीदी थी। उन्होंने कहा कि उनके पास एसडीएम द्वारा किया गया बैनामा, 1936 की सरकारी गजट, अधिकारियों की रिपोर्टें और अन्य सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। उनका कहना है कि इसी भूमि को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है और न्यायालय ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग पश्चिम दिशा से धीरे-धीरे उनकी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और धार्मिक व राजनीतिक तर्क देकर उनके खिलाफ कार्रवाई कराते हैं। वहीं दूसरे पक्ष के राजा वार्ष्णेय ने सईद उद्दीन के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि 1973 की नीलामी के रिकॉर्ड में केवल 9 खोके (दुकानें) नीलाम हुई थीं, जबकि 35 बीघा 500 बिस्वा भूमि पर मालिकाना हक का दावा पूरी तरह गलत और अवैध है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी पक्ष फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बार-बार अदालत से स्टे लेता है। राजा वार्ष्णेय ने यह भी आरोप लगाया कि नाले के ऊपर अवैध खोका रखकर किराया वसूला जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों के आने-जाने में दिक्कत हो रही है। उन्होंने नगर प्रशासन से अवैध अतिक्रमण हटाने और दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। फिलहाल नगर मजिस्ट्रेट दोनों पक्षों के अभिलेखों की जांच कर रहे हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण अंतिम निर्णय कोर्ट और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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