सीतापुर के मिश्रिख पावर हाउस पर फूटा जनता का गुस्सा: सांसद प्रतिनिधि के नेतृत्व में घेराव, अवैध वसूली और फर्जी रिपोर्ट का आरोप
सीतापुर के मिश्रिख पावर हाउस पर बिजली कटौती और अवैध वसूली को लेकर सांसद प्रतिनिधि राजकुमार सोनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और गंभीर आरोप लगाए।
Report : संदीप चौरसिया INA NEWS सीतापुर
मिश्रिख बिजलीघर पर उपभोक्ताओं का हंगामा, लाइनमैनों पर अवैध वसूली और अधिकारियों पर फोन बंद करने का आरोप, बड़े आंदोलन की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बिजली विभाग की लापरवाही और लचर व्यवस्था के खिलाफ आम जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मिश्रिख कस्बे के निवासी बिजली की अघोषित कटौती और विभागीय अधिकारियों के रवैये से परेशान होकर सांसद प्रतिनिधि राजकुमार सोनी के नेतृत्व में सीधे मिश्रिख पावर हाउस जा पहुंचे। वहां उपभोक्ताओं ने एकत्र होकर बिजली की बदहाल व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात बेहद मजबूती से रखी। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि कस्बे में बिना किसी ठोस वजह के जानबूझकर घंटों बिजली गुल रखी जाती है, जिससे इस भीषण गर्मी में आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है।
बिजलीघर पहुंचे उपभोक्ताओं ने स्थानीय स्टाफ और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब भी क्षेत्र में बिजली की कोई तकनीकी खराबी आती है, तो उसे ठीक करने के लिए आने वाले लाइनमैन उपभोक्ताओं से खुलेआम सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक की अवैध वसूली करते हैं। अनुमान के मुताबिक इस तरह रोजाना हजारों रुपये का अवैध खेल चल रहा है। आरोप है कि इस वसूली की रकम का बंटवारा नीचे से लेकर ऊपर तक बिजलीघर के एसडीओ और जेई के बीच होता है। उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की कि जेई और एसडीओ दोनों ही नियमों के खिलाफ जाकर अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं रहते हैं। शाम ढलते ही दोनों अधिकारी क्षेत्र छोड़कर चले जाते हैं और अपने मोबाइल फोन बंद कर लेते हैं। आपातकालीन स्थिति में संपर्क करने के लिए दिया गया पावर हाउस का सरकारी सीयूजी नंबर भी ज्यादातर बंद मिलता है और यदि कभी वह चालू भी हो, तो कर्मचारी फोन उठाने की जहमत नहीं उठाते।
सांसद प्रतिनिधि राजकुमार सोनी ने जब पावर हाउस में रखी शिकायत पुस्तिका की बारीकी से जांच की, तो एक और बड़ा मामला सामने आया। शिकायत पुस्तिका के पन्नों को देखने और कई शिकायतकर्ताओं से सीधे फोन पर बात करने के बाद उन्होंने बताया कि पिछले कई महीनों से जनता की समस्याओं का धरातल पर कोई निस्तारण ही नहीं किया गया है। विभाग के कर्मचारी दफ्तर में बैठकर ही फाइलों पर फर्जी रिपोर्ट लगाकर शिकायतों को बंद कर देते हैं। इस पूरी लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सांसद प्रतिनिधि ने बिजली विभाग को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का जल्द से जल्द कोई परमानेंट समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में क्षेत्र की जनता पावर हाउस परिसर में ही पक्का डेरा डाल देगी। उन्होंने कहा कि जब तक उपभोक्ताओं को पूरी बिजली नहीं मिलेगी, तब तक वे न तो खुद सोएंगे और न ही इन लापरवाह अधिकारियों को चैन से सोने देंगे। इस प्रदर्शन के दौरान कमला कांत, देवेश पाण्डेय, कन्हैया गुप्ता सहित एक दर्जन से अधिक प्रमुख लोग मौजूद रहे।
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