Hardoi: संडीला सीएचसी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, विश्व स्तनपान सप्ताह व मानसिक रोगियों के कानूनी अधिकारों पर किया गया जागरूक

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम

Aug 5, 2026 - 18:24
23 Views
Hardoi: संडीला सीएचसी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, विश्व स्तनपान सप्ताह व मानसिक रोगियों के कानूनी अधिकारों पर किया गया जागरूक
संडीला सीएचसी में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, विश्व स्तनपान सप्ताह व मानसिक रोगियों के कानूनी अधिकारों पर किया गया जागरूक

संडीला/हरदोई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश माननीय रीता कौशिक तथा प्रभारी सचिव/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) श्रीमती स्मिता गोस्वामी के निर्देशन में तहसील विधिक सेवा समिति संडीला द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) संडीला में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

शिविर का आयोजन तहसीलदार एवं सचिव, तहसील विधिक सेवा समिति संडीला अमित यादव के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. मधुवन अवस्थी ने की। इस अवसर पर विश्व स्तनपान सप्ताह (1 से 7 अगस्त) के तहत नवजात शिशुओं को मातृ स्तनपान के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि जन्म के पहले एक घंटे के भीतर शिशु को माँ का दूध अवश्य पिलाना चाहिए तथा पहले निकलने वाले पीले गाढ़े दूध (कोलेस्ट्रम) का विशेष महत्व है, क्योंकि यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

डॉ. अवस्थी ने बताया कि शिशु को शुरुआती छह माह तक केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए। इससे दस्त, निमोनिया और कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। साथ ही स्तनपान कराने से माताओं में स्तन कैंसर, अंडाशय कैंसर और प्रसवोत्तर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी कम होता है। गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व की भी जानकारी दी गई।

शिविर में लीगल एड क्लीनिक के प्रतिनिधि राममूर्ति ने मानसिक रोग एवं बौद्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसे व्यक्तियों को भी समाज में गरिमा के साथ जीने, समान अवसर प्राप्त करने, उचित स्वास्थ्य सेवाएं लेने तथा निःशुल्क विधिक सहायता पाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 21 एवं 39A तथा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के प्रावधानों की भी जानकारी दी।

कार्यक्रम में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया। लोगों को शराब, तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर के दौरान पीएलवी रामकिशोर ने राष्ट्रीय लोक अदालत की उपयोगिता एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी देते हुए टोल फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में भी लोगों को अवगत कराया। इस अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का समस्त स्टाफ, बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow