हाथरस: आगामी त्योहारों को लेकर जिले में धारा 163 लागू, बिना अनुमति धरना, जुलूस और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक
हाथरस में स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन और अन्य त्योहारों के मद्देनजर धारा 163 लागू की गई है। बिना प्रशासनिक अनुमति के जुलूस, प्रदर्शन और भीड़ जुटाने पर रोक।
आगामी स्वतंत्रता दिवस, श्रावण मास, रक्षाबंधन और बारावफात जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान जिले में शांति एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत पूरे जनपद में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी महीनों तक प्रभावी रहेगा।
जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्रशासनिक अनुमति के बिना किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन, जुलूस, सभा, राजनीतिक आयोजन या भीड़ जुटाने वाली गतिविधियों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। इसके साथ ही अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने, भड़काऊ भाषण देने, पोस्टर अथवा पंपलेट के जरिए उकसाने, अफवाह फैलाने और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले कृत्यों पर सख्त रोक लगाई गई है।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग बिना पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, धार्मिक स्थलों का राजनीतिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित रहेगा। नियम के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी पाबंदी रहेगी, केवल उन्हीं आयोजनों को छूट मिलेगी जिन्हें विधिवत अनुमति प्राप्त हो या जिन्हें कानून के तहत छूट दी गई हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जारी निर्देशों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने और किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन से पूर्व अनिवार्य रूप से अनुमति प्राप्त करने की अपील की है।
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