यूपी में 15,613 आंगनबाड़ी केंद्र परिषदीय विद्यालयों में होंगे स्थानांतरित, बुनियादी शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती
उत्तर प्रदेश में 15,613 आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा। तीन से छह वर्ष के बच्चों को मिलेगा सुरक्षित शिक्षण वातावरण।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और बुनियादी शिक्षा को आपस में जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत राज्य के 15,613 आंगनबाड़ी केंद्रों को परिषदीय विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है। यह कदम उन केंद्रों के लिए उठाया जा रहा है, जो प्राथमिक विद्यालयों से 200 मीटर के दायरे में स्थित होने के बावजूद गैर-विभागीय या निजी भवनों में चल रहे हैं। इस स्थानांतरण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
राज्य में कुल 1,89,208 आंगनबाड़ी केंद्रों की मैपिंग का काम पूरा हो चुका है, जिनमें से 1,64,480 से अधिक केंद्र पहले ही प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के परिसरों में सफलतापूर्वक स्थानांतरित और एकीकृत किए जा चुके हैं। इस संबंध में स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी और बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग की निदेशक हर्षिता माथुर ने संयुक्त रूप से सभी जिलों के अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
स्थानांतरण की यह कार्रवाई केवल उन्हीं परिषदीय विद्यालयों में की जाएगी, जहां बच्चों के लिए सुरक्षित और पर्याप्त कक्षा-कक्ष, बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के तहत तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों को शुरुआती चरण से ही स्कूल जैसा माहौल प्रदान करना है, ताकि बाल वाटिका से पहली कक्षा तक की पढ़ाई के बीच एक मजबूत तालमेल बन सके।
इस योजना से छोटे बच्चों को स्वच्छ पेयजल, बिजली, खेलने का सुरक्षित वातावरण, शौचालय और अन्य भौतिक संसाधन एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे। इससे बच्चों की शुरुआती सीखने की क्षमता में सुधार होगा और उनके स्कूल आने की तैयारी को मजबूती मिलेगी। दोनों विभागों के आपसी समन्वय से संसाधनों का सही और बेहतर उपयोग संभव हो सकेगा, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा की नींव मजबूत होगी।
प्रशासन की ओर से इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों में जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संयुक्त रूप से इस प्रक्रिया की देखरेख करेंगे। कार्य पूरा होने के बाद दोनों अधिकारी संयुक्त रिपोर्ट संबंधित निदेशालयों को भेजेंगे। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह ने बताया कि बच्चों को शुरुआती उम्र से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षण माहौल और बेहतर संसाधन मुहैया कराना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे वे भविष्य की औपचारिक शिक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें।
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