बुंदेलखंड में आकार ले रहा औद्योगिक भविष्य, बीडा में 28 हजार एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण पूरा
बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) ने 28,874 एकड़ भूमि अर्जन पूरा किया। एक्टिवेशन एरिया के लिए 447 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य होंगे।
उत्तर प्रदेश को देश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) ने एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। परियोजना के लिए चिह्नित 33 गांवों के कुल 56,662 एकड़ अनुमोदित दायरे में से अब तक 28,874 एकड़ जमीन का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। प्राधिकरण ने पहले चरण में 35,298 एकड़ और दूसरे चरण में 21,364 एकड़ क्षेत्र को विकास के लिए अनुमोदित किया है, जहां बुनियादी ढांचे को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
पिछले कुछ महीनों में भूमि अधिग्रहण की रफ्तार काफी तेज रही है, जिसके तहत 7,026 एकड़ अतिरिक्त जमीन जोड़ी गई। यह जमीन औद्योगिक इकाइयों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और जरूरी बुनियादी सुविधाओं की स्थापना के लिए ठोस आधार बनेगी। शुरुआती चरण में 2,320 एकड़ के एक्टिवेशन एरिया में से 1,000 एकड़ हिस्से को विकसित करने की प्राथमिकता तय की गई है। इसके लिए एक विस्तृत प्रारूप तैयार किया गया है, जिसके तहत सड़कों का संजाल, चौबीसों घंटे बिजली और जलापूर्ति जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।
अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत एक्टिवेशन एरिया में करीब 447 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को शासन से मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 132 केवी की विद्युत पारेषण लाइन, 30 एमएलडी की जल ट्रंक लाइन, आंतरिक सड़कें, जल निकासी नाले, साइकिल ट्रैक, फुटपाथ, प्रशासनिक भवन और विद्युत सबस्टेशन के निर्माण शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर परीक्षण का काम अंतिम दौर में है।
क्षेत्र को व्यवस्थित रूप देने के लिए क्लस्टर आधारित विकास की रूपरेखा बनाई गई है, जिसमें डेटा सेंटर, सूचना प्रौद्योगिकी, रसायन और रक्षा क्षेत्र की इकाइयां शामिल हैं। डेटा सेंटर और आईटी क्लस्टर के लिए निर्धारित 1,000 एकड़ में से 810 एकड़ जमीन पहले ही अधिग्रहीत की जा चुकी है। वहीं पानी की निर्बाध आपूर्ति के लिए मध्य प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर 216 एमएलडी जल उपलब्धता पर सहमति बन चुकी है।
परियोजना की विशाल संभावनाओं को देखते हुए देश के कई बड़े व्यापारिक समूहों ने यहां अपनी इकाइयां स्थापित करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। इनमें समवर्धन मदरसन इंटरनेशनल, बीईएमएल, फेयर एक्सपोर्ट्स, सिफी टेक्नोलॉजीज और कॉनकॉर जैसे नाम शामिल हैं। इसके साथ ही आगरा-ग्वालियर छह लेन एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई रेल नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी देकर इस पूरे क्षेत्र को विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।
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