यूपी के किसानों के लिए मौसम आधारित एडवाइजरी जारी, फसलों में यूरिया के इस्तेमाल से बचने की सलाह
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद ने जारी की एडवाइजरी। खेतों में नमी बनाए रखने, अनावश्यक यूरिया न डालने और पशुओं के मुफ्त टीकाकरण की सलाह दी गई।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) में क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में राज्य के किसानों के लिए मौसम के वर्तमान मिजाज को देखते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। महानिदेशक डॉक्टर संजय सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में फसल सुरक्षा, बुवाई और पशुधन संरक्षण को लेकर उपयोगी सुझाव दिए गए हैं। मौसम के अनुमान के अनुसार प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में शुरुआत में मौसम शुष्क रहेगा और बाद में हल्की बारिश के आसार हैं, जिसके चलते साप्ताहिक औसत वर्षा सामान्य से काफी कम रहने की संभावना जताई गई है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में पर्याप्त नमी बनाए रखने और खड़ी फसलों में यूरिया का अनावश्यक छिड़काव न करने की सलाह दी है, जिससे कीटों और बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके। बेहतर पैदावार के लिए सरकारी हाई-टेक नर्सरी से तैयार पौध लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा धान की बालियां निकलते समय मिथ्या कण्डुआ रोग से बचाव हेतु प्रोपीकोनाजोल अथवा कार्बण्डाजिम के घोल का छिड़काव करने और गन्धी कीट की रोकथाम के लिए इमिडाक्लोप्रिड या एजाडीरेक्टिन का प्रयोग करने को कहा गया है।
वर्तमान नमी और मौसम की अनुकूलता को देखते हुए सरसों व राई की उन्नत किस्मों जैसे पूसा सरसों-32, पूसा सरसों-34, पूसा डबल जीरो, सुरेखा, गिरिराज, वरुणा और नरेंद्र सरसों की समय पर बुवाई करने का परामर्श है। इसके साथ ही अगेती आलू की कुफरी बहार, कुफरी चंद्रमुखी, कुफरी ज्योति और कुफरी सूर्या जैसी प्रजातियों तथा गन्ने की अधिक मिठास वाली शीघ्र पकने वाली किस्मों की बुवाई तेज करने को कहा गया है। मत्स्य पालकों के लिए कतला, रोहू, नैन और ग्रास कार्प प्रजातियों का बीज मत्स्य विकास निगम की हैचरियों पर उपलब्ध करा दिया गया है।
पशुधन की सुरक्षा के लिए सभी जनपदों के सरकारी पशु अस्पतालों में मुंहपका-खुरपका और लम्पी स्किन बीमारी से बचाव के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। किसानों और पशुपालकों की मदद के लिए मोबाइल वेटनरी यूनिट का टोल फ्री नंबर 1962 और सामान्य पशु समस्या समाधान हेतु 18001805141 उपलब्ध कराया गया है। किसी भी आकस्मिक अथवा प्राकृतिक आपदा के समय तत्काल सहायता के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 1070 और जिला स्तरीय नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
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