UP Deregulation 2.0: यूपी में उद्योगों और नागरिकों को नियमों के जंजाल से मिलेगी मुक्ति, केंद्र ने की समीक्षा

यूपी में डीरेगुलेशन 2.0 के तहत नियमों को सरल बनाने और मंजूरियों में तेजी लाने पर जोर। केंद्र और राज्य के अधिकारियों ने प्राथमिक सुधारों की पहचान की।

By INA News Desk
Aug 27, 2026 - 22:12
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UP Deregulation 2.0: यूपी में उद्योगों और नागरिकों को नियमों के जंजाल से मिलेगी मुक्ति, केंद्र ने की समीक्षा
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  • केंद्र ने उत्तर प्रदेश में डीरेगुलेशन 2.0 की प्रगति की समीक्षा, अनुपालन बोझ घटाने और मंजूरियों में तेजी पर जोर
  • केंद्र और राज्य के अधिकारियों ने प्रमुख क्षेत्रों में मंजूरी संबंधी बाधाएं दूर करने के लिए प्राथमिक सुधारों की पहचान की

लखनऊ : 

उत्तर प्रदेश में व्यापार और आम नागरिकों की सहूलियत के लिए सरकारी नियमों को सरल बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन्वेस्ट यूपी में केंद्र सरकार के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में डीरेगुलेशन 2.0 की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य कागजी औपचारिकताओं का बोझ घटाना, गैर-जरूरी नियमों को हटाना और विभिन्न विभागों से मिलने वाली स्वीकृतियों को रफ्तार देना है, ताकि नए निवेश और उद्योग बिना रुकावट आगे बढ़ सकें।

कैबिनेट सचिवालय के विशेष सचिव के.के. पाठक की अध्यक्षता और अतिरिक्त सचिव राहुल शर्मा की मौजूदगी में हुई इस बैठक में खाद्य कारोबार के लिए मिलने वाले लाइसेंस, श्रम कानूनों, वस्तु एवं सेवा कर प्रक्रिया, नेशनल बिल्डिंग कोड के तहत अग्नि सुरक्षा मानकों, भवन निर्माण की अनुमति, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मिलने वाली सहायता तथा बिजली कनेक्शन संबंधी प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की गई। पहले चरण के नियामकीय सुधारों और प्रक्रियागत बाधाएं दूर करने में उत्तर प्रदेश देशभर के राज्यों में अव्वल रहा है और अब दूसरे चरण में इसे और सुदृढ़ किया जा रहा है।

समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने कहा कि नियमों का मुख्य उद्देश्य व्यवस्था को सुरक्षित बनाना होना चाहिए, न कि कारोबार और आम जनता के लिए रुकावट पैदा करना। अग्नि सुरक्षा जैसे मामलों में प्राथमिक लक्ष्य जनसुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए, इसे केवल कागजी प्रमाण पत्र हासिल करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

बैठक में नगर नियोजन और आवास संबंधी नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाने, निर्माण क्षेत्र में आवश्यक छूट देने तथा नए स्कूलों की स्थापना को सुगम बनाने के लिए नियमों में बदलाव पर विचार किया गया। साथ ही जमीन और राजस्व से जुड़ी कुछ औपचारिकताओं में ढील देने पर भी सहमति बनी। इस दौरान इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद, माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव किंजल सिंह, राजस्व विभाग की सचिव दिव्या मित्तल और इन्वेस्ट यूपी की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इन सुधारों से राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

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