UP International Trade Show 2026: ग्रेटर नोएडा में दिखेगी यूपी के फार्मा और फूड सेक्टर की ताकत, UPFSDA के विशेष पवेलियन तैयार

ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में UPFSDA के नेतृत्व में प्रदेश के फूड, फार्मा और मेडिकल सप्लाइज सेक्टर का भव्य प्रदर्शन होगा।

By INA News Desk
Sep 22, 2026 - 20:28
5 Views
UP International Trade Show 2026: ग्रेटर नोएडा में दिखेगी यूपी के फार्मा और फूड सेक्टर की ताकत, UPFSDA के विशेष पवेलियन तैयार
AI Image

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश को औद्योगिक और विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक पटल पर स्थापित करने के क्रम में आगामी 'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026' (UPITS-2026) एक अत्यंत महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित प्रतिष्ठित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले इस पांच दिवसीय महाकुंभ में उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) की अगुवाई में प्रदेश के फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्युटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज, न्यूट्रास्यूटिकल्स और हर्बल सेक्टर की व्यापक क्षमताओं का भव्य प्रदर्शन किया जाएगा।

राज्य सरकार का उद्देश्य इस विशाल प्रदर्शनी के माध्यम से उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे फूड और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। इससे प्रदेश के स्थानीय विनिर्माताओं और उद्यमियों को देश-विदेश से आने वाले बड़े निवेशकों, संस्थागत खरीदारों (बायर्स) और वैश्विक व्यापारिक साझेदारों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का अवसर मिलेगा।

हॉल-11 और हॉल-8 में तैयार किए गए विशेष सेक्टोरल पवेलियन

ट्रेड शो परिसर में आगंतुकों, तकनीकी विशेषज्ञों और व्यावसायिक प्रतिनिधियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुव्यवस्थित लेआउट योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के लिए दो अलग-अलग प्रमुख हॉलों में विशेष प्रदर्शन क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं:

  • हॉल-11 (ग्राउंड फ्लोर): इस हॉल में फूड, ड्रग्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स और हर्बल उत्पादों के लिए समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों, पैकेज्ड फूड, पारंपरिक औषधीय उत्पादों और फॉर्मूलेशन से जुड़े नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा।

  • हॉल-8 (सेकेंड फ्लोर): यहां विशेष 'मेडिकल सप्लाइज पवेलियन' स्थापित किया गया है। यह विंग विशेष रूप से अस्पताल प्रबंधन, सर्जिकल इक्विपमेंट, मेडिकल कंज्यूमेबल्स, डायग्नोस्टिक डिवाइसेज और हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े खरीदारों व उद्योग प्रतिनिधियों के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में कार्य करेगा।

इस पृथक व्यवस्था से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बी2बी (बिजनेस-टू-बिजनेस) बैठकों के आयोजन में सुगमता होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवा और औषधि उद्योग से जुड़े उद्यमियों को सीधे ऑर्डर्स मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

32 प्रमुख कंपनियों की सहभागिता, 471 वर्गमीटर का विस्तृत क्षेत्र आवंटित

इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में प्रदेश की विनिर्माण क्षमता को प्रदर्शित करने के लिए अब तक खाद्य, न्यूट्रास्यूटिकल्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मास्युटिकल्स, कॉस्मेटिक्स और हर्बल विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी कुल 32 शीर्ष कंपनियों एवं संस्थाओं ने औपचारिक पंजीकरण कराया है। इन सभी प्रतिभागियों के उत्पादों और तकनीकों के प्रदर्शन हेतु कुल 471 वर्गमीटर का सघन और सुसज्जित प्रदर्शनी क्षेत्र आवंटित किया गया है।

प्रदर्शकों की इस सूची में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ब्रांड्स शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से:

  • खाद्य एवं बेवरेजेज सेक्टर: हल्दीराम स्नैक्स फूड, बीकानेरवाला फूड्स, एवरेस्ट बेवरेजेज एंड फूड इंडस्ट्रीज तथा कृष्णा साल्ट इंडस्ट्रीज।

  • फार्मा एवं बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर: भारत सीरम्स एंड वैक्सीन्स, पॉजिट्रॉन बायोजेनिक्स और अनोंदिता मेडिकेयर।

  • हर्बल एवं वेलनेस सेक्टर: डाबर सहित कई अन्य अग्रणी उद्यम, जो प्रदेश में अपनी उत्पादन इकाइयां सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं।

यह व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश केवल उपभोक्ता बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश का एक प्रमुख विनिर्माण और आपूर्ति केंद्र (सप्लाई हब) बनकर उभर रहा है।

फूड से लेकर लाइफ साइंसेज तक: साझा वैश्विक मंच की भूमिका

ट्रेड शो में UPFSDA से जुड़े क्षेत्रों को एक साथ लाने की यह पहल प्रदेश की औद्योगिक रणनीति का एक अहम हिस्सा है। कृषि प्रधान राज्य होने के नाते उत्तर प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जबकि फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी परियोजनाएं राज्य को लाइफ साइंसेज विनिर्माण का अग्रणी केंद्र बना रही हैं।

इस वैश्विक मंच के माध्यम से प्रदेश सरकार निवेशकों को यह संदेश देने में सक्षम होगी कि उत्तर प्रदेश में कच्चे माल की सुलभता, आधुनिक लॉजिस्टिक नेटवर्क (एक्सप्रेसवे और फ्रेट कॉरिडोर) तथा सुगम नियामक माहौल उपलब्ध है। इसके साथ ही, स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और पैकेजिंग को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने की प्रेरणा भी इस अंतरराष्ट्रीय संपर्क से प्राप्त होगी। 25 सितंबर से शुरू होने वाला यह आयोजन राज्य की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की दिशा में आगे बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होगा।

Also Click : UP Homeguard Bharti: 41,424 होमगार्डों की ट्रेनिंग के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदेगी योगी सरकार, 155 नई एसएलआर राइफलें भी मंजूर

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow