यूपी की 251 कृषि मंडियों में मनेगा तीन दिवसीय दीपोत्सव: ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान से बदला स्वरूप
उत्तर प्रदेश की 251 कृषि मंडियों में ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के बाद तीन दिवसीय दीपोत्सव का आयोजन होगा। 20 मानकों पर मंडियों की ऑनलाइन ई-रेटिंग की जा रही है।
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर चलाए जा रहे ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी’ अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की 251 कृषि मंडियों का स्वरूप पूरी तरह संवर चुका है। अब इन सभी मंडियों में तीन दिवसीय दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के इस प्रयास से मंडियों की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नीलामी चबूतरों की मरम्मत, रोशनी से जगमगाते मार्ग, बेहतर किसान विश्राम गृह तथा स्वच्छ पेयजल और प्रसाधन की सुविधाएं अब किसानों और व्यापारियों को सीधे राहत पहुंचा रही हैं।

अभियान के तहत मंडियों के मुख्य द्वारों, कार्यालयों और चारदीवारी का रंग-रोगन कराया गया। परिसर की आंतरिक सड़कों, नालियों और झाड़ियों की सफाई कर व्यवस्था को दुरुस्त किया गया। इसके साथ ही व्यापारिक क्षेत्रों में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाया गया और समितियों ने परिसर के अतिक्रमण मुक्त होने की पुष्टि की। मंडियों के चबूतरों और रास्तों पर आधुनिक हाईमास्ट लाइटों की मरम्मत और नए उपकरण लगाकर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की गई है।

मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मंडियों में तीन दिवसीय दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसका मकसद स्वच्छता और समृद्धि का संदेश देते हुए किसानों और व्यापारियों के जीवन में खुशहाली लाना है। परिसर की दीवारों पर आकर्षक चित्रों के जरिए सरकार की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया गया है।

सफाई व्यवस्था की पारदर्शी निगरानी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है। इस पोर्टल पर प्रतिदिन एकत्रित कचरे, सफाई में लगे कर्मचारियों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और जरूरी उपकरणों का पूरा हिसाब दर्ज हो रहा है। वरिष्ठ अधिकारी 20 निर्धारित पैमानों पर मंडियों की ई-रेटिंग कर रहे हैं, जिसकी जीपीएस युक्त तस्वीरों के माध्यम से मुख्यालय स्तर पर समीक्षा की जा रही है। स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली समितियों को नकद पुरस्कार देने की योजना भी लागू की गई है। इस अभियान में 12 हजार से अधिक सफाई कर्मियों, सैकड़ों ट्रैक्टरों और हजारों उपकरणों की मदद से व्यवस्था को प्रभावी बनाया गया है।
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