दीवाली से पहले पूरी हो 'स्वच्छ मण्डी-शुभ मण्डी' मुहिम, कृषि उत्पादन मंडी परिषद निदेशक के कड़े निर्देश
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने 'स्वच्छ मण्डी-शुभ मण्डी' अभियान की समीक्षा की। दीवाली से पूर्व सभी कार्य पूरे करने के निर्देश।
राज्य कृषि उत्पादन मण्डी परिषद, उत्तर प्रदेश के निदेशक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने प्रदेश भर में संचालित 'स्वच्छ मण्डी-शुभ मण्डी' अभियान की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए शेष बचे सभी विकास एवं स्वच्छता कार्यों को दीपावली पर्व से पूर्व अनिवार्य रूप से पूरा कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यालय स्तर से गठित विशेष निगरानी दल लगातार मंडियों का स्थलीय और तकनीकी अनुश्रवण सुनिश्चित करें, जिससे सभी लंबित कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप संपन्न हो सकें।
निदेशक ने समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की मंडियों में आने वाले किसानों और व्यापारियों को स्वच्छ, सुगम और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंडियों में स्वच्छता को किसी सामयिक अभियान तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे वर्षपर्यंत चलने वाली एक सुदृढ़ और स्थायी व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों एवं सफाई कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए परिसरों का दैनिक रख-रखाव सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
बैठक में विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि मंडी परिसरों में कूड़े के ढेरों के त्वरित निस्तारण, चोक नालियों की निकासी, जलभराव वाले स्थलों के समाधान, शौचालयों के नियमित विसंक्रमण, नीलामी चबूतरों के जीर्णोद्धार, दुकानों और किसान विश्राम गृहों की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
समीक्षा के दौरान निदेशक ने फोटोग्राफिक साक्ष्यों के जरिए मंडियों में अब तक संपन्न हुए कायाकल्प कार्यों का सूक्ष्म अवलोकन किया। अभियान के तहत प्रदेश की मंडियों में प्रवेश व निकास द्वारों का सौंदर्यीकरण और पेंटिंग, नालियों की सिल्ट सफाई, आंतरिक सड़कों व प्रशासनिक भवनों की मरम्मत और अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य युद्धस्तर पर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नीलामी चबूतरों के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत, मंडी समिति कार्यालयों की रंगाई-पुताई, मुख्य चहारदीवारी का नवीनीकरण, प्रकाश व्यवस्था हेतु लाइट उपकरणों का प्रतिस्थापन, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति और जन-कल्याणकारी योजनाओं को भित्ति चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित करने के कार्य पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दृष्टिगत मंडियों में बढ़ती आवक को देखते हुए यह व्यवस्था किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
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